क्या है तिलक का महत्व, जानिए कैसे करें इसका चुनाव?

By: पं. अनुज के शुक्ल
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लखनऊ। सनातन धर्म में नित्य शौच आदि से निवृत होकर स्नान-ध्यान करने के पश्चात अपने इष्टदेव का पूजन-अर्चन करने की परम्परा प्रचलित है। अपने इष्टदेव का पूजन करने के पश्चात मस्तक पर भगवान के आशीर्वाद रूप में तिलक लगाया जाता है। तिलक लगाने से एक नहीं अनेक फायदे हैं। मस्तक के जिस बिन्दु पर हम तिलक लगाते है वहां पर आज्ञा चक्र होता है। आज्ञा चक्र को सक्रिय करने के लिए मस्तक पर तिलक लगाना आवश्यक होता है।

अब आइए हम आपको बताते है कि किस चीज का तिलक किस देवता को प्रसन्न करने के लिए लगाना चाहिए...

  • अगर आप विष्णु जी के भक्त है तो चन्दन, गोरोचन और केसर मिलाकर तिलक लगायें।
  • यदि शिव जी के भक्त है तो श्वते चन्दन, काष्ठ चन्दन और बेल की जड़ को घिसकर तिलक लागयेंगे तो भोले बाबा ज्यादा प्रसन्न होंगे।
  • मां काली के आराधना करने वाले जातक लाल चन्दन, रोली, रक्तिम गुंजा आदि इन चीजों को मिलकर तिलक लगायें।
कौन सा लगाएं तिलक?

कौन सा लगाएं तिलक?

  • मां काली के आराधना करने वाले जातक लाल चन्दन, रोली, रक्तिम गुंजा आदि इन चीजों को मिलकर तिलक लगायें।
  • सूर्य देव की कृपा पाने के लिए सिन्दूर, केसर व गोरोचन को आंवले के रस में पीसकर तिलक लगाने से लाभ मिलता है।
  • सहदोई के रस में तुलसी का बीज पीसकर रविवार के दिन तिलक लगाने से लोग आपके वशीभूत होने लगते है। इससे त्राटक क्रिया में भी लाभ मिलता है।
आज्ञाचक्र

आज्ञाचक्र

  • हरताल, असगंध तथा गोरोचन को केले के रस में पीसकर तिलक लगाने से आज्ञाचक्र सक्रिय होकर शुभ फल देने लगता है।
  • काकड़सिंगी, सफेद चन्दन, वच तथा कटु इन सभी को पीसकर तिलक लगाने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं।
  • पान की जड़ को पीसकर तिलक लगाने से मनुष्य, पशु-पक्षी व प्रजा आदि सभी आप पर मोहित हो सकते है।
 देवी प्रसन्न होती हैं

देवी प्रसन्न होती हैं

  • सिन्दूर तथा वच को मिलाकर फिर पान के रस में पीसकर मोहन मन्त्र द्वारा अभिमन्त्रित कर तिलक लगाने से दुर्गा जी की आप पर विशेष कृपा बनी रहती है।
  • चिरचिटा, भृंगरात, लाजवन्ती तथा सहदेई आदि इन सब को पीसकर फिर मोहन मन्त्र से अभिमन्त्रित करके तिलक लगाने से लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है।
मोहन मंत्र

मोहन मंत्र

  • बेलपत्र को अच्छी तरह छाया में सुखाकर व कपिला गाय के के दूध में पीसकर गोली बनायें और मोहन मन्त्र से अभिमन्त्रित कर तिलक लगाने से शिव जी बहुत प्रसन्न होते है।
  • बेलपत्र तथा नींबू को बकरी के दूध में पीस लें। वशीकरण मन्त्र से अभिमन्त्रित करके तिलक करने से महामाया देवी की कृपा बनी रहती है।
वशीकरण मंत्र का प्रयोग करें

वशीकरण मंत्र का प्रयोग करें

  • गोरोचन, वंशलोचन, मछली का पित्त, केसर, चन्दन, तथा काक जंघा की जड़ को समभाग लेकर कुमारी कन्या द्वारा बावड़ी का जल निकलवाकर वशीकरण मन्त्र से अभिन्त्रित कर तिलक लगाने से आर्थिक समस्यायें दूर होती है।
  • चंदन, कुंमकुम, गोरोचन एवं कपूर को गौ के दूध में पीसकर फिर वशीकरण मन्त्र से अभिन्त्रित करके तिलक लगाने से दिमाग से सम्बन्धित लगभग हर समस्या का समाधान होता है।

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English summary
Tilak is a mark of auspiciousness. It is put on the forehead with sandal paste, sacred ashes or kumkum (red tumeric). Read Importance,

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