Somvati Amavasya 2018: 17 साल बाद बना शुभ संयोग इसलिए आज जरूर कीजिए ये काम

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    नई दिल्ली। आज सोमवती अमावस्या है, आज का दिन बहुत पावन है क्योंकि आज एक-दो नहीं बल्कि चार शुभ संयोग बन रहे हैं, ये चार संयोग हैं वैशाख मास, सोमवती अमावस्या, सर्वार्थसिद्धि योग और अश्विन नक्षत्र। ऐसा योग पूरे 17 साल बाद बना है इसलिए आज की अमावस्या धन प्राप्ति और जीवन की समस्त बाधाओं को दूर करने वाली है।

    भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से अमोघ फल प्राप्त होता है

    भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से अमोघ फल प्राप्त होता है

    शास्त्रों में कहा गया है कि माघ, पौष के महीने में नदी या सरोवर में प्रात: स्नान कर भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से अमोघ फल प्राप्त होता है। खासकर अमावस्या और सोमवती अमावस्या का यह पुण्य को कई हजार गुना बढ़ जाता है। सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। ये वर्ष में लगभग एक अथवा दो ही बार पड़ती है। विवाहित स्त्रियों द्वारा इस दिन अपने पतियों के दीर्घायु कामना के लिए व्रत का विधान है। इस दिन मौन व्रत रहने से सहस्र गोदान का फल मिलता है।

    अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित

    अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित

    काशी के पंडित दिवाकर शास्त्री के मुताबिक अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित है और आज के दिन विशेष पूजा का विधान है, भगवान का ध्यान करें। घर में धूप और अगरबत्ती जलाकर रखें।

    108 परिक्रमाएं करें

    108 परिक्रमाएं करें

    नदी किनारे स्वच्छ वातावरण में साफ मन से पितरों का ध्यान करें। पंडितों और गरीबों को दान करें। सूर्य को अर्ध्य दें। भगवान शिव, माता पार्वती और तुलसी की पूजा करें। इसके बाद पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमाएं करें, आपके सारे कष्ट दूर हो जाएंगे।

    खास बातें

    खास बातें

    इस दिन स्त्रियां तुलसी व पार्वती पर सिन्दूर चढ़ाकर अपनी मांग में लगा लें जिससे अखण्ड सौभाग्यवती बनी रहेंगी। स्त्रियां आज के दिन निम्न वस्तुयें जैसे- कपड़ा, गहना, बरतन, अनाज अथवा कोई भी खाने की वस्तु वस्तुयें दान कर सकती है

    यह भी पढ़ें: इस बार सोमवती अमावस्या और सर्वार्थसिद्धि योग का है शुभ संयोग

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    English summary
    The significance of Somvati Amavasya was narrated to the eldest Pandava by Bhishma Pitamaha in the epic Mahabharata. It is believed that we can bring peace to our ancestors’ souls by taking a holy dip in the sacred river Ganga on this day.

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