Navratri 2017: मां दुर्गा का आठवां स्वरूप 'महागौरी'

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  • नवरात्रि का 8वां दिन: महागौरी
  • रूप: सरस, सुलभ और मोहक
  • अस्त्र-शस्त्र: त्रिशूल
  • वाहन: वृषभ

मां दुर्गा की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। मां गौरी का ये रूप बेहद सरस, सुलभ और मोहक है। महागौरी की चार भुजाएं हैं। इनका वाहन वृषभ है। इनके ऊपर के दाहिने हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले दाहिने हाथ में त्रिशूल है। ऊपरवाले बाएं हाथ में डमरू और नीचे के बाएं हाथ में वर-मुद्रा हैं। इनकी मुद्रा अत्यंत शांत है। इनकी उपासना से भक्तों को सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। मां गौरी की उपासना नीचे लिखे श्रोत के हिसाब से करनी चाहिए।

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार मां ने पार्वती रूप में भगवान शिव को पति-रूप में प्राप्त करने के लिए बड़ी कठोर तपस्या की थी। इस कठोर तपस्या के कारण इनका शरीर एकदम काला पड़ गया। इनकी तपस्या से प्रसन्न होकर जब भगवान शिव ने इनके शरीर को गंगाजी के पवित्र जल से धोया था, तब वह विद्युत प्रभा के समान अत्यंत कांतिमान-गौर हो उठा था, तभी से इनका नाम महागौरी पड़ा।

  • पूजन विधि: अष्टमी के दिन महिलाएं अपने सुहाग के लिए देवी मां को चुनरी भेंट करती हैं। कुंवारी कन्याओं को भोजन कराया जाता है।
  • महत्व: मां महागौरी का ध्यान, स्मरण, पूजन-आराधना भक्तों के लिए सर्वविध कल्याणकारी है। हमें सदैव इनका ध्यान करना चाहिए। इनकी कृपा से अलौकिक सिद्धियों की प्राप्ति होती है। इनके चरणों की शरण पाने के लिए हमें सर्वविध प्रयत्न करते रहना चाहिए।
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English summary
The eighth day of Navratri festival is known as Ashtami. On this day, Maa Mahagauri is worshipped, who is the eighth manifestation of the Goddess Durga.
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