Karva Chauth 2017: केवल एक व्रत नहीं बल्कि प्रेम और विश्वास का मानक है करवा चौथ

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    नई दिल्ली। प्रेम, श्रद्धा, विश्वास और त्याग का पावपावन पर्व करवा-चौथ 8 अक्टूबर को है। इस दिन पूरे दिन भूखी-प्यासी रहकर पत्नियां अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। इस परंपरगत त्यौहार को हमारी मीडिया ने भी बहुत ग्लैमराइज्ड कर दिया है इसी कारण ये त्यौहार आज उन लोगों में भी काफी लोकप्रिय है जो अपने आप को आधुनिक कहते हैं। हाथों में पूजा की थाली लेकर, 16 श्रृंगार करके महिलाएं चांद को निहारकर अपने पति के हाथों डल ग्रहण करके व्रत तोड़ती हैं।

    चलिए जानते हैं इस व्रत की कथा ...

    वीरवती ने करवा चौथ का व्रत किया

    वीरवती ने करवा चौथ का व्रत किया

    धार्मिक किताबों के मुताबिक शाकप्रस्थपुर वेदधर्मा ब्राह्मण की विवाहिता पुत्री वीरवती ने करवा चौथ का व्रत किया था। नियमानुसार उसे चंद्रोदय के बाद भोजन करना था,परंतु उससे भूख नहीं सही गई और वह व्याकुल हो उठी।

    चंद्रोदय

    चंद्रोदय

    उसके भाइयों से अपनी बहन की व्याकुलता देखी नहीं गई और उन्होंने पीपल की आड़ में आतिशबाजी का सुंदर प्रकाश फैलाकर चंद्रोदय दिखा दिया और वीरवती को भोजन करा दिया।

    पति तत्काल अदृश्य हो गया

    पति तत्काल अदृश्य हो गया

    परिणाम यह हुआ कि उसका पति तत्काल अदृश्य हो गया। अधीर वीरवती ने बारह महीने तक प्रत्येक चतुर्थी को व्रत रखा और उसके भाइयों से अपनी बहन की व्याकुलता देखी नहीं गई और उन्होंने पीपल की आड़ में आतिशबाजी का सुंदर प्रकाश फैलाकर चंद्रोदय दिखा दिया और वीरवती को भोजन करा दिया। परिणाम यह हुआ कि उसका पति तत्काल अदृश्य हो गया। अधीर वीरवती ने बारह महीने तक प्रत्येक चतुर्थी को व्रत रखा और करवा चौथ के दिन उसकी तपस्या से उसका पति पुनः प्राप्त हो गया।

    व्रत पर फैशन का प्रभाव

    व्रत पर फैशन का प्रभाव

    भले ही पारंपरिक एक पूजा हो लेकिन इस व्रत ने फैशन का रूप धारण कर लिया है। स्त्रियां इस दिन भूखी-प्यासी रहकर सोलह श्रृंगार करती है। ताकि उनके पति उनके रूप और तपस्या को छोड़कर कहीं ना जाये। अब तो महिलाएं और लड़कियां इस दिन के लिए महीनों से तैयारियां करती है। आप बाजार में देखेगें तो आपको इसकी बानगी दिख जायेगी। औरों से अलग दिखने की चाहत में महिलाएं आपको साडियों की, मेंहदी की, चूड़ियों की दुकानों पर नजर आयेगीं। हर किसी की चाहत बस यही कि वो बेहद सुंदर दिखे।

    सजना है मुझे सजना के लिए

    सजना है मुझे सजना के लिए

    तो चलिए इस पावन पर्व पर दुल्हन क तरह सजकर श्रद्धा के साथ इस व्रत करके अपने पति को सातों जन्मों के लिए अपना बना लीजिये। आपको मोहक रूप ओर प्रेम को देखकर आपके पति सिर्फ और सिर्फ आपके ही होकर रह जायेंगे यह हमारा दावा है।

    Karva Chauth 2017: आखिर चांद के बिना क्यों अधूरा है करवा-चौथ?

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    8 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत है, इस दिन सभी सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए...

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    English summary
    Karva Chauth is an annual one-day festival celebrated by Hindu and some Sikh women in North India and parts of Pakistan in which married women fast from sunrise to moonrise for the safety and longevity of their husbands.

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