America: अपने फौजियों की मर्दानगी चेक करना चाहते हैं ट्रंप? शुक्राणुओं की जांच का दिया आदेश, क्या होता है ये?

US Force Testosterone Test: अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने अपनी फौज के लिए एक अजीब-ओ-गरीब फरमान जारी किया है। जिसके तहत 30 साल से अधिक उम्र के सभी सर्विस मेंबर्स के टेस्टोस्टेरोन लेवल यानी शुक्राणुओं की क्षमता की स्क्रीनिंग की जाएगी। सादा भाषा में कहें तो मर्दानगी की जांच की जाएगी। हेगसेथ के मुताबिक, यह जांच तय करेगी कि जिन सैनिकों को वे वारियर्स कहते हैं, उनके पास मुकाबला जारी रखने के लिए एक मजबूत जैविक आधार है या नहीं।

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नहीं हैं शुक्राणु, तो अलग से डलवाएंगे?

हेगसेथ ने आगे कहा कि इसका मकसद सैनिकों को उनकी पूरी क्षमता के साथ काम करने के लिए सही टेस्टोस्टेरोन लेवल प्रदान करना है। जिन सैनिकों में टेस्टोस्टेरोन की कमी पाई जाएगी, उन्हें टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (TRT) कराने का ऑप्शन दिया जाएगा। हालांकि, जो सैनिक इस ट्रीटमेंट को नहीं चुनेंगे, उनके साथ क्या किया जाएगा, इस पर हेगसेथ ने कोई सफाई नहीं दी है। इस नए नियम के बाद अमेरिकी रक्षा विभाग के भीतर प्रशासनिक और मेडीकल लेवल पर बहस छिड़ी हुई है।

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महिला सैन्य कर्मियों पर भी उठे सवाल

इस नए प्रोग्राम से महिला कर्मियों के लिए मुश्किलें बढ़ने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि महिला शरीर पुरुषों की तुलना में लगभग 90 प्रतिशत कम टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन करता है। इसका सीधा मतलब यह है कि एक पूरी तरह से स्वस्थ महिला का टेस्टोस्टेरोन लेवल भी किसी भी पुरुष के स्तर से काफी कम होगा। चूंकि हेगसेथ लगातार पुरुषों और महिलाओं के शरीर के बीच के अंतर को खारिज करने की कोशिश करते रहे हैं, इसलिए यह चिंता जताई जा रही है कि यह स्क्रीनिंग महिलाओं को सेना से बाहर करने का एक नया जरिया बन सकती है।

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सेना के टॉप पदों में छेड़छाड़ के लगे आरोप

हेगसेथ ने पहले ही कई सीनियर महिला और अश्वेत जनरलों को बर्खास्त कर दिया है और कई अश्वेत व महिला अधिकारियों के प्रमोशन पर रोक लगा दी है। इस कारण उन पर मिलिट्री को मागा (MAGA) मूवमेंट की छवि यानी श्वेत, ईसाई और मर्दाना में ढालने की कोशिशों के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी सेना से कमजोरी को खत्म करने के नाम पर कई श्वेत जनरलों को भी सेवा से हटाया है, जिससे योग्यता के बजाय राजनीतिक वफादारी और वैचारिक तालमेल को सैन्य भर्तियों में भेदभाव की बात सामने आ रही है।

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टेस्टोस्टेरोन लेवल और शारीरिक क्षमता पर असर

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का कम स्तर मांसपेशियों के नुकसान, थकान, मोटापे और यौन रोग जैसी स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है, लेकिन सैन्य सेवा की प्रकृति भी इस स्तर को कम करने में योगदान देती है। सैन्य सेवा से जुड़े तनाव, खराब नींद और सिर की चोटें टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकती हैं। यह देखा गया है कि लंबे समय तक स्पेशल फोर्सेज में सेवा देने वाले सैनिकों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने की संभावना ज्यादा होती है। शायद यही वजह है कि हेगसेथ ने ऐसा फैसला लिया। हालांकि शायद ही ऐसा कोई देश होगा जो इस तरह के फैसले अपने फौजियों के लिए ले।

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English Summary

US Force Testosterone Test: American Military to Screen Testosterone Levels of Service Members Over 30