U.S. attacks Iran: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक कंटेनर जहाज पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के सैन्य ठिकानों पर फिर धमाकों की आवाज सुनाई दे रही है। इसके जवाब में ईरान ने कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान समेत कई खाड़ी देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
एयर डिफेंस सिस्टम और IRGC की नावों पर भी भीषण हमला हुआ है। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक होर्मुज के पास केशम द्वीप पर एक दर्जन से कम प्रोजेक्टाइल दागे गए। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि अमेरिकी सेना ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
रिपोर्ट के मुताबिक केशम द्वीप के अलावा तटीय शहर बंदर अब्बास और उत्तर में स्थित हाजीआबाद में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। ये ऐसे समय में हो रहा है,जब ईरान और अमेरिका के बीच हुए 60 दिन के अंतरिम समझौते की अवधि अभी पूरी भी नहीं हुई है और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक उन्होंने रविवार को ईरान के भीतर करीब 140 ठिकानों को एक साथ निशाना बनाया। यह बीते एक हफ्ते में अमेरिका की तरफ से किया गया तीसरा और अब तक का सबसे घातक हमला है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के दक्षिणी तट और तेहरान के पास मौजूद सैन्य अड्डों, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च पैड्स, हथियारों के बड़े गोदामों और कम्युकेशन सेंटर्स को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है। इस हमले के तुरंत बाद अमेरिकी रक्षा सचिव (Defence Secretary) पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर बेहद सख्त लहजे में लिखा कि ईरान ने एक गलत फैसला चुना और अब वह इसकी भारी कीमत चुका रहा है। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों में नागरिक जहाजों की सुरक्षा पक्का करना है। लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता टकराव पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा बन सकता है, क्योंकि यही मार्ग वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति की सबसे अहम लाइनों में से एक है।Iran US conflict: होर्मुज में ईरान का बड़ा अटैक, 1 भारतीय लापता, 10 रेस्क्यू, समंदर में मची चीख-पुकार
पहले अमेरिका ने 140 ठिकानों पर की थी एयरस्ट्राइक
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संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता