Sheikh Hasina Bangladesh Return: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत से एक बहुत बड़ा ऐलान किया है। अपने ताजा बयान में शेख हसीना ने कहा कि वह और उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगे। हसीना ने कहा कि उन्हें पता है कि उनका अंजाम क्या होगा, यह जानते हुए भी वह बांग्लादेश जाएंगी।
वो मुझे मार भी सकते हैं- हसीना
रॉयटर्स को दिए एक एक्सक्लूसिव टेलीफोनिक इंटरव्यू में शेख हसीना ने साफ किया कि वह और उनकी पार्टी के नेता स्वेच्छा से अपने देश लौटना चाहते हैं और खुद कोर्ट के सामने पेश होना चाहते हैं। वह देखना चाहती हैं कि बांग्लादेश की नई व्यवस्था देश के सबसे बड़े विपक्षी नेता के साथ कैसा बर्ताव करती है। हसीना यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने आगे कहा, "मेरे लौटने पर वे मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, यहां तक कि मार भी सकते हैं। फिर भी, मुझे जाना ही होगा। मेरे पार्टी लीडर्स और कार्यकर्ताओं पर भारी अत्याचार हो रहा है। अगर मौत आनी ही है, तो मैं चाहती हूं कि वह मेरी अपनी मिट्टी पर आए, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं और जहां उनका खून बहा था।"
फरवरी 2026 में ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल बांग्लादेश ने एक रिपोर्ट निकाली थी, जिसके मुताबिक जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक चले विद्रोह में कई लोग मारे गए थे। इसमें आम प्रदर्शनकारियों की हत्या समेत कुल 1785 मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें से 663 मुकदमे अकेले शेख हसीना पर दर्ज किए गए। इन मुकदमों में से 453 मामले केवल हत्या के हैं जो हसीना के नाम पर दर्ज हैं। जब ये मुकदमे दर्ज किए तब शेख हसीना भारत की शरण में थीं, इसलिए उन्हें बुलाने के लिए इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के मार्फत वारंट भी जारी कराया गया। लेकिन उनका प्रत्यर्पण नहीं हो सका। मामले भले ही 1785 हों, लेकिन चार्जशीट सिर्फ 106 मामलों में पेश हो सकी है। इन मामलों में 31 मामले मर्डर के हैं। जिसके लिए हसीना की पार्टी आवामी लीग के 128 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके अलावा बांग्लादेश विद्रोह में 450 शिकायतें इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में भी पहुंची थी जिसमें से 45 केस वहां भी रजिस्टर हुए हैं। हालांकि इनमें सभी केस शेख हसीना के खिलाफ नहीं है। कुछ उनकी पार्टी के नेता और कुछ प्रशासन के खिलाफ भी दर्ज किए गए हैं। आपको बता दें कि शेख हसीना ने कई कार्यकालों को मिलाकर लगभग 20 सालों तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के रूप में शासन किया है। वहीं अगस्त 2024 में उन्हें बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था। इन मामलों की सुनवाई के दौरान नवंबर में बांग्लादेश के वॉर क्राइम्स कोर्ट (International Crimes Tribunal) ने छात्र आंदोलन पर जानलेवा कार्रवाई का आदेश देने के आरोप में उनकी गैर-मौजूदगी में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि शेख हसीना ने भारत से इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। ऐसे में अगर शेख हसीना बांग्लादेश पहुंचती हैं तो बांग्लादेशी कानून के हिसाब से उनकी फांसी की सजा तय है। लेकिन इसमें कोर्ट उनका पक्ष सुनने को तैयार होता है तो शायद इस सजा में उन्हें कुछ छूट भी मिल सके। इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।शेख हसीना पर कितने मुकदमे?
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कितने मामलों में कोर्ट में पेश हो चुकी चार्जशीट
कितनी होगी सजा?
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