Pickaxe Mountain: पहाड़ के 100 मीटर नीचे ईरान का गुप्त परमाणु अड्डा! 'पिकैक्स' पर ट्रंप चलेंगे बंकर-बस्टर बम?

Iran Pickaxe Mountain Threat: पश्चिम-एशिया में गहराते सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक सीधी चेतावनी ने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है। ट्रंप के रडार पर इस बार ईरान का सबसे गुप्त और अभेद्य माना जाने वाला परमाणु ठिकाना Iran Pickaxe Mountain (पिकैक्स माउंटेन) है जिसे नष्ट करने के लिए अमेरिका अपने सबसे घातक 'बंकर-बस्टर' बमों के इस्तेमाल की योजना बना रहा है। ज़ागरोस पर्वतमाला की मजबूत चट्टानों के नीचे गहरी सुरंगों में बना यह सीक्रेट बेस इस समय वाशिंगटन से लेकर तेहरान तक सबसे बड़ा मिलिट्री सस्पेंस बन चुका है।

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दरअसल, पिकैक्स माउंटेन ईरान का नया और सबसे गुप्त परमाणु केंद्र है, जहां संवर्धित यूरेनियम रखे जाने की चर्चा है। यह जागोरस पहाड़ के अंदर गहराई में बना है, इसलिए सामान्य बमों से इसे नष्ट करना बेहद मुश्किल माना जाता है। इसीलिए ट्रंप के बयान के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या अमेरिका ईरान के पिकैक्स को अटैक करने के लिए बंकर-बस्टर बम का इस्तेमाल करेगा। आइए जानते हैं कि पिकैक्स माउंटेन कहां है, इसका सामरिक और व्यापारिक महत्त्व क्या है और ट्रंप क्यों इस पर अटैक की तैयारी में हैं?

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कहां है पिकैक्स माउंटेन?

पिकैक्स माउंटेन ईरान के मध्य हिस्से में स्थित है। यह नतांज़ (Natanz) परमाणु केंद्र से करीब 1.6 किलोमीटर दूर ज़ागरोस पर्वतमाला में बनाया गया है। बताया जाता है कि इसकी सुरंगें पहाड़ के अंदर 100 मीटर से भी अधिक गहराई तक जाती हैं। इसकी ओरिजिनल स्ट्रकच्चर सार्वजनिक नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसे हवाई हमलों से सुरक्षित रखने के लिए बेहद मजबूत तरीके से तैयार किया गया है। यही वजह है कि इसे ईरान के सबसे सुरक्षित सैन्य ठिकानों में गिना जाता है।

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क्यों माना जा रहा है नया परमाणु केंद्र?

पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों का दावा है कि ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम का बड़ा हिस्सा इसी इलाके में ट्रांसफर कर दिया है। पिछले साल नतांज़ और अन्य परमाणु ठिकानों पर हमलों के बाद ईरान ने अपने कार्यक्रम को और सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की रणनीति अपनाई। माना जाता है कि यहां यूरेनियम संवर्धन, भंडारण और संवेदनशील परमाणु गतिविधियां चल सकती हैं। हालांकि ईरान ने हमेशा इन दावों को खारिज किया है।

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अमेरिका के निशाने पर क्यों है यह ठिकाना?

अमेरिका और इजरायल का मानना है कि यदि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना है तो केवल पुराने परमाणु केंद्रों पर हमला काफी नहीं होगा। ट्रंप के सलाहकारों का मानान है कि, पिकैक्स माउंटेन पर अटैक किए बिना ईरान की परमाणु क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं की जा सकती। इसी कारण ट्रंप ने भी इस ठिकाने का जिक्र किया है।

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व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है?

यदि इस क्षेत्र में बड़ा सैन्य संघर्ष होता है तो उसका असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। पश्चिम एशिया दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। तनाव बढ़ने पर कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं, जिससे पेट्रोल-डीजल महंगे होने की आशंका रहती है। इसके अलावा वैश्विक सप्लाई चेन, समुद्री व्यापार और निवेशकों के भरोसे पर भी असर पड़ सकता है। भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर इसका सीधा आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है।

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क्या इस ठिकाने को नष्ट करना आसान है?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पिकैक्स माउंटेन को सामान्य हवाई हमलों से नुकसान पहुंचाना बेहद कठिन होगा। इसकी सुरंगें पहाड़ के भीतर गहराई में हैं और मजबूत चट्टानों से घिरी हुई हैं। इसलिए इसे दुनिया के सबसे सुरक्षित भूमिगत ठिकानों में गिना जाता है। कई विश्लेषकों का मानना है कि केवल अत्यधिक शक्तिशाली बंकर-भेदी हथियार ही इसे गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि इसकी वास्तविक क्षमता और अंदर की गतिविधियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।

English Summary

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