भारतीय मूल के एस्ट्रोनॉट Anil menon स्‍पेस मिशन के लिए हुए रवाना, माइक्रोग्रैविटी पर करेंगे ये रिसर्च

NASA के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने 14 जुलाई 2026 मंगलवार को अपने आठ महीने के मिशन पर रवाना हुए। अनिल मेनन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर अत्याधुनिक वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। करेंगे। जिसका उद्देश्‍य भाविष्‍य के लिए अंतरिक्ष (deep-space) की खोज के लिए इंसानों को तैयार करना और ऐसी टेक्‍नालॉजी को आगे बढ़ाना है जिसकी बदौलत पृथ्‍वी पर जीवन को लाभ हो सके।

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NASA के इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर आठ महीने के इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री मेमन के साथ दो रूस के अंतरिक्ष यात्रभ्‍ प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना काजा‍किस्‍तान के सोयुज से MS-29 अंतरिक्ष यान पर सवार होकर रवाना हुए।

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माइक्रोग्रैविटी का मानव शरीर पर क्‍या होता है असर, करेंगे रिसर्च

भारतीय मूल के इमरजेंसी मेडिसिन और एयरोस्पेस मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉक्टर मेनन, इस लंबे मिशन के दौरान न सिर्फ़ एक रिसर्चर के तौर पर काम करेंगे, बल्कि माइक्रोग्रैविटी का मानव के शरीर पर क्‍या असर होता है उसके टेस्ट सब्जेक्ट (जिन पर प्रयोग किया जाएगा) के तौर पर भी अपनी भूमिका निभाएंगे।