Shraddha Walkar Murder Case: श्रद्धा वाकर का केस तो आपको याद होगा ही। जी हां, वही श्रद्धा वाकर जिसके पार्टनर ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और लाश को कई टुकड़ों में काट कर फ्रिज में भर दिया था। 2022 का ये मामला पूरे नेशनल मीडिया पर था। श्रद्धा को न्याय दिलाने के लिए कई तरह के कैंपेन चले। हमें लगा था श्रद्धा को न्याय तो जरूर मिलेगा। सारे सबूत मिल चुके थे, आरोपी यानी श्रद्धा का पार्टनर आफताब पूनावाला पकड़ा जा चुका था। लेकिन वो अंग्रेजी में कहते हैं ना, 'जस्टिस डिलेड इज जस्टिस डिनाइड' यानी न्याय में देरी न्याय ना मिलने के बराबर है।
4 साल से ये मामला कोर्ट में हैं। अब 4 साल बाद श्रद्धा मर्डर केस में एक नया अपडेट आया है। 20 जुलाई को इस केस की हियरिंग होनी थी। लेकिन हियरिंग टाल दी गई। वजह? वजह ऐसी की जानकार आपका भी माथा भन्ना जाए। दरअसल, जज साहब ने कहा कि 20 जुलाई को हियरिंग नहीं हो सकती क्योंकि अभी इसके पेपर हैं।
इस मामले की सुनवाई कर रहे जज ने 20 जुलाई की हियरिंग को इसलिए पोस्टपॉन कर दिया क्योंकि उस दिन आफताब का सोशियोलॉजी का एग्जाम है। 4 साल से जेल में बंद आफताब इग्नू (IGNOU) से सोशियोलॉजी में मास्टर्स कर रहा है। ये खबर जैसे ही सोशल मीडिया पर आई लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोग इसे जस्टिस में देरी करार दे रहे हैं। वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इसे सही ठहरा रहे हैं। ये भी पढ़ें: सेक्स रैकेट के विरोध में बंटी की बेरहमी से हत्या? किडनैपिंग के 5 दिन बाद NH किनारे मिला सड़ा गला शव वहीं इस मामले पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमित खिलौर ने जज और जुडिशल सिस्टम को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा,"आफताब को जो अलाउंस मिल रही है, यह उन लोगों के लिए होते थे जो पॉलिटिकल प्रिजनर्स हैं। जैसे गांधी जी हो गए, नेहरू हो गए, उन्होंने कोई ऐसा क्राइम नहीं किया था तो ठीक है जेल में पढ़ाई-लिखाई करते थे। ये आदमी कोल्ड-ब्लडेड, रेयर ऑफ द रेयरेस्ट किलर है। इससे क्या भविष्य बनवाना है? जज क्या सोच रहे हैं कि इसका एमए का पेपर दिलवाऊंगा? कहां नौकरी लगवाएगा इसकी बाद में? इसका मतलब तो जज पहले से सोचके बैठ गया कि भाई आगे भविष्य है इसका तो, इसको तो सोशियोलॉजी में एमए करना है, यह तो बाद में पेपर पढ़ाएगा यूपीएससी के सोशियोलॉजी के!" बता दें, सारे सबूत मौजूद होने के बाद भी ये मामला 4 सालों से कोर्ट में है। तारीख बदलती जा रही है पर न्याय नहीं मिल रहा। आफताब पूनावाला और श्रद्धा वाकर कपल थे और दिल्ली में लिव-इन में रहते थे। आफताब पूनावाला ने श्रद्धा वाकर को मारके उसकी बॉडी को चॉप करके, करीब 35 टुकड़ों में बांटा। उसके बाद उन टुकड़ों को फ्रिज में बंद करके रखा। आफताब श्रद्धा के शव के टुकड़ों को वो महरौली के जंगल में थोड़ा-थोड़ा कर के फेंक रहा था। मामला सामने आने के बाद आफताब पूनावाला को अरेस्ट कर लिया गया। तब से लेके लेके अब तक आफताब का ट्रायल चल रहा है। लोगों में इस केस को लेकर जितना आक्रोश था और जिस तरह कार्रवाई चल रही थी उम्मीद थी की श्रद्धा को जल्द से जल्द न्याय मिलेगा। लेकिन ऐसा अब तक हो नहीं पाया। अब देखना है कि आगे इस मामले में क्या नया ट्विस्ट एंड टर्न आता है। ये भी पढ़ें: Sheetal Rajan: अमेरिका में भारतीय मूल की Google की सीनियर अधिकारी की गोली मार कर हत्या, बेटा घायल