बढ़ी नवजोत सिंह सिद्धू की मुश्किल, सुप्रीम कोर्ट में फिर से खुला 1988 का पटियाला रोडरेज मामला


नई दिल्ली। पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की मुश्किल बढ़ गई है। उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। साल 1988 में पटियाला में रोडरेज मामले का केस एक बार फिर से खुल गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस केस को फिर से परीक्षण करने का फैसला किया है। शिकायककर्ता की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सजा पर विचार करने को तैयार हो गया। कोर्ट ने सिद्घू को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट इस पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई खुली अदालत में करेगा।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में पहले सिद्धू पर 10,000 का जुर्माना लगाकर बरी कर दिया था लेकिन अब इस मामले की सुनवाई फिर से होगी। इस केस में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नवजोत सिंह सिद्धू को 3 साल की सजा सुनाई थी, जिसे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और उन्हें मामले में बरी कर दिया गया था।

गौरलतब है कि सिद्धू और रुपिंदर सिंह संधू पर 27 दिसंबर, 1988 को पटियाला में शेरनवाला गेट चौरोह के पास गुरनाम सिंह के साथ मारपीट का आरोप लगा। इस मारपीट की वजह से गुमनाम सिंह की अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

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English Summary

1988 road rage case involving Navjot Singh Sidhu: The victims family file a review petition before the Supreme Court seeking a modification of its earlier order. He was acquitted in the case earlier.