'हवा में उड़ने वाली 'फ्लाइंग बस' जल्‍द लॉन्‍च करूंगा', नितिन गडकरी ने शेयर किया कॉन्सेप्ट, Video वायरल

Nitin Gadkari on Flying Bus: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री निनित गडकारी जिन्‍होंने अपने कार्यकाल में सड़कों और परिवहन का कायाकलप कर डाला है। अपनी प्रोगेसिव सोच की बदौलत राज्‍यों और शहरों के बीच ऐसे हाईवे का निर्माण करवाया है कि सफर का समय आधे से भी कम हो गया है। एक बार फिर अपने हालिया बयान की वजह से नितिन गडकरी चर्चा में आ गए हैं। लंबे समय से प्रतीक्षित 63 किलोमीटर के लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे' को रही झंडी दिखाते हुए उन्‍होंने भविष्य के लिए एक बड़ी और महत्वाकांक्षी योजना का खुलासा किया।

Advertisement

गडकरी ने अपने आगामी कॉन्सेप्ट के बारे में जानकारी देते हुए कहा वे देश में 'फ्लाइंग बस' शुरू करना चाहते हैं। इस बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

Advertisement

'हवा में उड़ने वाली' बस लाने की योजना

एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा, "मैंने देश में लगातार नई टेक्नोलॉजी, रोपवे और केबल कारें शुरू की हैं। इससे पहले मैं एक एम्फीबियस एयरक्राफ्ट (पानी और ज़मीन दोनों पर चलने वाला विमान) भी लाया था। अब, मेरी अगली योजना हवा में उड़ने वाली बस लाने की है।"

Advertisement

गडकरी बोले- मैं इसे जल्द ही लॉन्च करूंगा

गडकर ने आगे कहा, "मैं बसों के लिए हवा में चलने वाला इलेक्ट्रिक मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित करूंगा, क्योंकि यह क्षेत्र मेरे अधिकार क्षेत्र में आता है। इस तकनीक से यात्रियों को पता भी नहीं चलेगा कि उन्होंने एक छोर से दूसरे छोर तक का सफर कब पूरा कर लिया। मैं इसे जल्द ही लॉन्च करूंगा।"

Advertisement

उन्होंने आगे कहा, "मैं बसों के लिए हवा में चलने वाला इलेक्ट्रिक मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित करूंगा, क्योंकि यह क्षेत्र मेरे अधिकार क्षेत्र में आता है। इस तकनीक से यात्रियों को पता भी नहीं चलेगा कि उन्होंने एक छोर से दूसरे छोर तक का सफर कब पूरा कर लिया। मैं इसे जल्द ही लॉन्च करूंगा।"

बता दें इस ऐतिहासिक एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से लखनऊ और कानपुर के बीच ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या से नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। पहले इन दोनों शहरों के बीच की दूरी तय करने में ढाई से तीन घंटे लगते थे; लेकिन अब यह सफर सिर्फ़ 35 से 45 मिनट में पूरा किया जा सकता है। 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे की आधारशिला 2018 में रखी गई थी और यह प्रोजेक्ट लगभग ₹4,500 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है।"

Advertisement

नेशनल हाईवेज़ अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) ने इस पूरे प्रोजेक्ट को दो पैकेज में बांटा था। इसमें लगभग 18 किलोमीटर लंबा एक 'एलिवेटेड सेक्शन' था, जो लखनऊ के अमौसी और शहीद पथ इलाकों को जोड़ता था। साथ ही, लगभग 45 किलोमीटर लंबा एक 'ग्रीनफील्ड सेक्शन' भी था, जो लखनऊ के 11 गांवों और उन्नाव के 31 गांवों से होकर गुजरता था।