Kerala ex Minister KT Jaleel: केरल के पूर्व एजुकेशन शिक्षा मंत्री और CPI(M) नेता केटी जलील एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने स्कूल के सम्मान समारोह में छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार किया कि बुरी तरह कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। इस सम्मान समारोह का वीडियो वायरल होने के बाद केरल के राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
दरअसल, केरल के ये पूर्व मंत्री जलाल पलक्कड़ जिले के मन्नारक्कड़ में मेधावी छात्रों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस कार्यक्रम मे नगरपालिकाओं के स्कूलों से 10वीं कक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया जाना था।
वायरल वीडियो में पूर्व मंत्री जलाल स्पीच के बीच में छात्र-छात्राओं को स्टेज पर बुलाते हैं और उन्हें अपने घर का एड्रेस अंग्रेजी में लिखने के लिए कहते हैं। छात्र ने स्पेलिंग गलत लिखी तब उन्होंने छात्र कान खींचा और फटकार लगाते हुए पूछा की एबीसीडी पूरी ठीक से आती है। वहीं दूसरी छात्रा को नाम की सही स्पेलिंग लिखने नसीहद दी। हालांकि पूर्व मंत्री ने ये बच्चों को सीख देने के लिए ऐसा किया लेकिन इस वीडियो के संज्ञान में आते ही केरल के राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (CPCR) के अध्यक्ष केवी मनोज कुमार ने पूर्व मंत्री के खिलाफ केस दर्ज किया है। उन पर सम्मान समारोह के दौरान 10वीं कक्षा के छात्रों को सबके सामने अपमानित करने का आरोप लगा है। ये पहली बार नहीं है जब केरल के पूर्व शिक्षा मंत्री विवादों में आए हैं इससे पहले अगस्त 2022 में इन्होंने जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) पर विवादित बयान दिया था। जिसके बाद केरल कोर्ट के आदेश के बाद संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। दरअसल, फेसबुक पोस्ट में विधायक ने कहा था, "पाकिस्तान में शामिल कश्मीर के हिस्से को 'आज़ाद कश्मीर' के नाम से जाना जाता था और यह एक ऐसा इलाका है जिस पर पाकिस्तान सरकार का सीधा नियंत्रण नहीं है।" इसके अलावा उन्होंने लिखा था "भारत के अधीन जम्मू-कश्मीर में जम्मू, कश्मीर घाटी और लद्दाख के हिस्से शामिल हैं।" हालांकि विवाद में फंसने के बाद उन्होंने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी थी। डॉ केटी जलील केरल के पूर्व शिक्षा, अल्पसंख्यक कल्याण वक्फ और हज मामलों के पूर्व मंत्री रह चुके हैं। इतिहास में PhD डिग्री होल्डर डॉ जलील ने राजनीति में कदम रखने से पहले तिरुरंगडी के PSMO कॉलेज में इतिहास के एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर काम किया।2006 में पहली बार विधायक चुके गए और चार बार विधायक रहे। लंबे राजनीतिक करियर और LDF समर्थित निर्दलीय विधायक के तौर पर काम करने के बाद, डॉ. जलील और उनकी पत्नी औपचारिक रूप से कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) में शामिल हो गए।छात्र का क्यों पूर्व मंत्री जलील ने खींचा कान?
बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने क्या लगाया आरोप?
2022 में जलील ने दिया था विवादित बयान, दर्ज हुई थी FIR
कौन हैं डॉ केटी जलील?