NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ियों को लेकर करीब डेढ़ महीने से आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच आखिरकार पहली औपचारिक बातचीत हो गई। संसद मार्च के दौरान 20 जुलाई को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के दो प्रतिनिधियों सौरव दाव और आशुतोष रांका से मुलाकात की और उनकी मांगों वाला ज्ञापन लिया।
CJP प्रवक्ता सौरव दावा का दावा है कि जेपी नड्डा ने आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों, जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग भी शामिल है, पर सरकार के शीर्ष स्तर पर चर्चा होगी। हालांकि किसी भी मांग को मानने का वादा नहीं किया गया है लेकिन भरोसा दिलाया गया है कि इसपर विचार किया जाएगा। दूसरी तरफ संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी देखने को मिला।
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रंका और सौरव दास ने जेपी नड्डा से उनके आधिकारिक आवास पर दो घंटे के भीतर दो बार बातचीत की और अपना मांग पत्र सौंपा। मुलाकात के बाद जेपी नड्डा ने बयान जारी कर कहा, "प्रदर्शनकारियों की पहल पर सुबह 11:50 बजे से ही बातचीत का दौर जारी था। बातचीत बेहद सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। प्रतिनिधियों ने शाम करीब 4 बजे लिखित ज्ञापन दिया है। मैंने उनसे धरना खत्म कर शांति बहाल करने की गुजारिश की है।'' बैठक के बाद CJP प्रवक्ताओं ने साफ किया कि सरकार ने फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है, लेकिन उनकी मांगों को शीर्ष नेतृत्व के सामने रखने का भरोसा दिया गया है। आशुतोष रांका ने कहा, "हमें सिर्फ इतना बताया गया है कि हमारी मांगों पर सरकार के शीर्ष स्तर पर चर्चा होगी। फिलहाल किसी मांग को मंजूरी देने का कोई वादा नहीं किया गया है।" वहीं सौरव दास ने कहा, "मंत्री ने कहा है कि वह इस पूरे मामले पर उचित स्तर पर बात करेंगे। लेकिन जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।" असल में आंदोलनकारियों और सरकार के बीच संवाद स्थापित करने की कवायद रविवार (19 जुलाई) रात ही शुरू हो गई थी। CJP नेता आशुतोष रंका ने कहा,''नई दिल्ली के DCP ने रविवार देर रात उनसे संपर्क साधा था। इसके बाद सोमवार सुबह 6 बजे से गंभीर चर्चाएं शुरू हुईं और 11:45 बजे जेपी नड्डा से मिलने का समय तय हुआ। सौरव दास ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "नड्डा जी ने आश्वासन दिया है कि जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई रोक दी जाएगी, लेकिन जमीनी स्तर पर बर्बरता बंद होने तक छात्र पीछे नहीं हटने वाले।" एक तरफ सड़क पर छात्र डटे थे, तो दूसरी तरफ संसद भवन के भीतर राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल देखी गई। घिरे हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान दोपहर में ही गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर पहुंचे और कई घंटों तक वहीं मौजूद रहे। बाद में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और पीयूष गोयल भी इस हाई-लेवल बैठक में शामिल हुए। हालांकि इस मैराथन बैठक में क्या फैसला लिया गया, इसकी आधिकारिक जानकारी बाहर नहीं आई है।PM मोदी के मंत्री से मिलकर कॉकरोच पार्टी ने रखी 3 बड़ी मांगे, सोनम वांगचुक को लेकर भी शर्त, क्या होगी पूरी?
2 घंटे में 2 मुलाकातें: नड्डा के साथ क्या-क्या बातचीत हुई?
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अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान के बीच भी हुई मीटिंग