दिल्ली के 14 जिलों में से 4 पर महिला पुलिस अफसर हैं प्रमुख, ये है इनका सबसे बड़ा चैलेंज


नई दिल्ली। एक वक्त पर महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित जगह बताई जाने वाली दिल्ली में आज 4 जिलों में महिला पुलिस अफसर प्रमुख के रूप में तैनात हैं। दिल्ली के 14 जिलों में से 4 जिलों में महिला पुलिस अफसर प्रमुख हैं। ये महिला पुलिस अफसर दिल्ली को महिलाओं के लिए सुरक्षित करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं। इनमें असलम खान, मोनिका भारद्वाज, नुपुर प्रसाद और मेघना यादव हैं।

दिल्ली के 14 में से 4 में महिला पुलिस अफसर प्रमुख

दिल्ली को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए 4 जिलों में दिल्ली पुलिस ने महिला पुलिस अफसर को प्रमुख बनाया है। एनडीटीवी की खबर के अनुसार दिल्ली के 4 जिलों में जिला पुलिस प्रमुख महिलाएं ही हैं। इनमें दिल्ली की मेघना यादव, हरियाणा की मोनिता भारद्वाज, राजस्थान की असलम खान और बिहार की नुपुर प्रसाद हैं। बिहार की नुपुर प्रसाद पहली महिला अफसर हैं जिन्हें दिल्ली में जिला पुलिस प्रमुख बनाया गया था। उन्हें साल 2017 में जिला पुलिस प्रमुख बनाया गया था।

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ये है इनके लिए सबसे बड़ा चैलेंज

प्रसाद ने बताया कि भले ही दिल्ली के 14 जिलों में 4 में महिला पुलिस अफसर प्रमुख हैं, महिला वर्कफोर्स अभी भी काफी कमी है। दिल्ली पुलिस में महिला वर्कफोर्स केवल 11 फीसदी है। प्रसाद ने बताया कि जब उन्हें प्रमुख बनाया गया तो उन्होंने ड्रग डीलर्स और अपराधिक गैंग्स पर शिकंजा कसना शुरू किया। उन्होंने ये भी कहा कि सबसे बड़ा चैलेंज उन चारों के लिए पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ बैलेंस को मेनटेन करना है। प्रसाद ने कहा, 'मां होने के नाते पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में बैलेंस बनाना ऐसा चैलेंज है, जिसका सामना हम सभी करते हैं।'

'हम बेहतर कर रहे हैं'

मेघना यादव ने कहा, 'हम बेहतर कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि ऐसा दिन आए जब सभी 14 जिलों में महिला पुलिस अफसरों का होना कोई बड़ी बात न हो। हम चाहते हैं कि ये एक नॉर्मल बात हो।' यादव ने आगे कहा कि ऊंचे स्थानों पर महिलाओं के होने से उनके खिलाफ अपराध में कमी आने की कोई गारंटी नहीं है।

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निर्भया गैंगरेप के बाद आया बड़ा बदलाव

मेघना यादव ने कहा, 'अगर हम सभी 14 स्थानों पर महिलाओं को रखते हैं, जब तक पुरुष महिलाओं की इज्जत नहीं करेंगे, तब तक कुछ महीं बदलेगा।' इन सभी महिला अफसरों का कहना है कि 2012 निर्भया गैंगरेप के बाद दिल्ली पुलिस में काफी बदलाव आया है। हालांकि प्रमुखों ने बताया कि उन्हें भी अपने काम के दौरान प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, 'हमें पुरुष पुलिसकर्मियों से रोज बात करनी होती है। अलग-अलग बैकग्राउंड से आने वाले अफसरों को बताना होता है कि एक महिला से कैसे बात की जाए। संवेदीकरण इकलौता जरिया है।'

सोशल मीडिया है एक अहम जरिया

ये चारों जिला पुलिस प्रमुख सिर्फ दिल्ली की सड़कों को ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन भी महिलाओं को सुरक्षित करने में लगी हैं। सभी प्रमुख सोशल मीडिया को फेक न्यूज से लड़ने का एक जरिया मानती हैं। मोनिका भारद्वाज ने कहा, 'सोशल मीडिया हमारे लिए फेक न्यूज रोकने और अपनी साइड पेश करने का एक जरिया है। एक पुलिस अफसर होने के नाते हम सिर्फ अपराध नहीं रोकते, हम समाज के लिए और भी कई चीजें करते हैं।'

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English Summary

Delhi Police: Now Four Women Are District Police Chiefs In Delhi's 4 Districts Out Of 14.