Corona Virus Attack: बारिश के बीच लौटा कोरोना! 46 साल के युवक की मौत, कंटेनमेंट जोन में कौन से इलाके?

Corona Virus Attack: मानसून की बारिश के बीच जुलाई माह में कोविड-19 ने भारत में दस्तक दे दी है। आंध्र प्रदेश में एक 46 साल के शख्स की मौत कोरोना वायरस ने ली। डॉक्टरों के मुताबिक, मरीज शराब का आदी था। उसका इम्यूनिटी सिस्टम काफी कमजोर हो गया था।

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ऐसे में उसे खांसी और सांस लेने की तकलीफ के चलते भर्ती कराया गया। करीब 4 दिनों तक उसे एंटीबायोटिक्स दी गईं। लेकिन, सुधार न मिलने पर CT स्कैन उसके फेफडों का हुआ, और कोरोना की पुष्टि हुई। मरीज की मौत इलाज के बीच ही हो गई। मामले के सामने आने के बाद मृतक के इलाके को पूरी तरह सैनिटाइज किया गया। अब सवाल उठता है कि क्या ये कोविड की नई लहर उठनी शुरू हो गई है? आइए विस्तार से जानते हैं...

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Kadapa Corona Virus Attack: 4 दिन बिस्तर पर तड़पता रहा, कोरोना ने सांसों पर किया कब्जा, मौत

मामला कडप्पा जिले के मसापेटा इलाके का है। यहां का निवासी 46 वर्षीय युवक अपनी शराब की आदतों के चलते सांस लेने में दिक्कत और गंभीर खांसी से परेशानी में आ गया। बीती 4 जुलाई को उसे कडप्पा के गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल-RIMS में भर्ती कराया गया।

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जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (DMHO) डॉ. रवि बाबू के मुताबिक, मरीज को शुरुआत में हाई डोज एंटीबायोटिक्स दी गईं। लेकिन, 4 दिन चले इलाज के बावजूद उसकी हालत में कोई सुधार देखने को नहीं मिला। डॉक्टरों को लगा कि मरीज को बैक्टीरियल इंफेक्शन या निमोनिया है। ऐसे में उसका एक्स-रे किया गया। मरीज के दोनों फेफड़ों में काफी नुकसान देखने को मिला। मरीज में निमोनिया की पुष्टि हुई। इसके बाद, सीटी स्कैन ने कोविड-19 संक्रमण पॉजिटिव पाया गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद मरीज की 8 जुलाई को मौत हो गई। शराब की लत के चलते मरीज का इम्यूनिटी सिस्टम काफी कमजोर होने के चलते, कोरोना वायरस से जंग हार गया।

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अब सवाल यह उठता है कि एंटीबायोटिक्स क्यों बेअसर?

जैसा की सभी जानते हैं कि एंटीबायोटिक्स बैक्टीरिया पर काम करती हैं। मरीज कोरोना वायरस से जूझ रहा था, इसलिए वायरस पर एंटीबायोटिक्स का कोई असर नहीं हुआ। आपको बता दें कि कोविड-19 SARS-CoV-2 वायरस से होता है। जिसके लक्षणों में खांसी और सांस फूलना आम बात है। इसी तरह, निमोनिया और फ्लू में भी ऐसे लक्षण देखने को मिलते हैं। इसलिए डॉक्टर मरीज को पहले शुरुआत में एंटीबायोटिक्स ही देते हैं।

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कौन से इलाके प्रभावित हैं?

उधर, कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आ गया। एक्शन लेते हुए मसापेटा इलाके को सैनिटाइज किया गया। इतना ही नहीं, मृतक के प्राइमरी और सेकेंडरी कॉन्टैक्ट्स की ट्रेसिंग भी की गई। इस घटना के बाद, अभी पूरे कडप्पा या उसके आसपास के इलाकों में कंटेनमेंट जोन की किसी भी तरह की घोषणा नहीं की कई है। स्थानीय अधिकारी ने लोगों से कोरोना वायरस से अलर्ट और प्रोटोकॉल फॉलो करने के निर्देश जरूर दिए हैं।

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भारत में कोरोना की मौजूदा स्थिति क्या है? क्या बारिश में लौट रहा है?

2019-2020 के बीच के कोरोना वायरस के दंश को अभी तक भारत नहीं भूला है। सैंकड़ों की मौतों की यादें भी रूह कंपा जाती है। भले ही, वक्त बीत गया हो, लेकिन कोरोना ने पीछा नहीं छोड़ा है। दुनिया भर में नए वैरिएंट्स एक के बाद एक सामने आ रहे हैं। एक बार फिर, मानसून के बीच जुलाई 2026 में कोरोना की एंट्री काफी दहलाने वाली साबित हो रही है।

WHO के डेटा के अनुसार, दुनिया भर में, 21 जून 2026 तक के 28 दिन में COVID-19 मामले 14,727 दर्ज हुए। वहीं, मौतें 180 हुईं। दुनिया में कोविड-19 वैक्सीन की कुल 13.64 अरब खुराकें दी जा चुकी हैं। 31 दिसंबर 2023 को जारी आंकडे के मुताबिक, सिर्फ भारत की बात करें तो, कोविड-19 वैक्सीन की कुल 2.21 अरब खुराकें यानी कि 69% दी गईं। हालांकि, जून तक भारत में एक भी केस सामने नहीं आया। लेकिन जुलाई में पहली मौत की एंट्री हुई है।

Coronavirus Symptoms: कोरोना के लक्षण क्या हैं? रिस्क फैक्टर्स जानें..

  • लगातार खांसी
  • सांस लेने में तकलीफ
  • बुखार, थकान
  • स्वाद-गंध का न जाना (कुछ केस में)

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English Summary

Coronavirus Attack: 46 Year Old Man Dies Due To COVID-19, Monsoon Check Containment Zones, Kadapa News Hindi