बिहार पुलिस ने अपराधियों, सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वालों और मानव तस्करी में शामिल आरोपियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है। पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था एवं कमजोर वर्ग) के. सुहिता अनुपम ने बताया कि राज्यभर में फरार अपराधियों के खिलाफ विशेष कुर्की अभियान चलाया गया है, जबकि सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर भी सख्त कार्रवाई जारी है।
एडीजी ने बताया कि 11 से 20 जुलाई के बीच चलाए गए विशेष कुर्की अभियान के तहत 2,125 मामलों में कुर्की की कार्रवाई पूरी की गई। उन्होंने कहा कि जो अपराधी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और तेज कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन पर सख्ती
पुलिस मुख्यालय स्तर पर सोशल मीडिया सेंटर और साइबर क्राइम एवं सुरक्षा इकाई (CCSU) द्वारा 24 घंटे सोशल मीडिया की निगरानी की जा रही है। 1 मई से 14 जुलाई के बीच सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने के मामलों में 102 एफआईआर दर्ज की गईं और 130 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 40 हथियार भी जब्त किए गए। इन मामलों में सर्वाधिक कार्रवाई पटना, नवगछिया, गोपालगंज, सीतामढ़ी और मोतिहारी जिलों में की गई।
आपत्तिजनक पोस्ट पर भी कार्रवाई
एडीजी ने बताया कि धार्मिक या जातीय टिप्पणियों तथा किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ अभद्र पोस्ट कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के मामलों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 514 आपत्तिजनक पोस्ट और वायरल वीडियो चिन्हित कर कार्रवाई के लिए भेजे गए हैं। इनमें से 243 मामलों में कार्रवाई पूरी हो चुकी है, जबकि बाकी मामलों की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि डायल-112 का रिस्पांस टाइम घटकर 10 मिनट हो गया है, जिससे अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। साथ ही युवाओं के लिए चरित्र सत्यापन प्रमाणपत्र की प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी गई है, जिसे CCTNS प्रणाली से जोड़ा गया है।
ऑपरेशन नया सवेरा-3.0 में 109 मानव तस्कर गिरफ्तार
मानव तस्करी के खिलाफ 1 से 14 जुलाई तक चलाए गए ऑपरेशन नया सवेरा-3.0 के तहत 52 एफआईआर दर्ज की गईं और 109 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस अभियान में 82 महिलाओं और 75 पुरुषों को सुरक्षित बचाया गया। सर्वाधिक गिरफ्तारियां पटना (40), सहरसा (13) और किशनगंज (9) में हुईं, जबकि सबसे अधिक पीड़ितों का रेस्क्यू किशनगंज (23), सीतामढ़ी (17) तथा पटना, अरवल और मुजफ्फरपुर रेल (संयुक्त रूप से 14) में किया गया।
कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर भी कार्रवाई
मई-जून के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले मामलों में पुलिस ने 533 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें: * सांप्रदायिक हिंसा के 63 मामले * पुलिस पर हमले के 462 मामले * भीड़ हिंसा के 2 मामले * हर्ष फायरिंग के 6 मामले शामिल हैं। इसके अलावा न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने के लिए 51,189 गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई, जिनमें से 49,191 गवाहों की अदालत में गवाही कराई गई।
भारत-नेपाल सीमा पर अलर्ट, मादक पदार्थों पर भी कार्रवाई
एडीजी ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर संभावित आतंकी गतिविधियों को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है और इस पर केंद्रीय गृह मंत्रालय भी नजर बनाए हुए है। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान के तहत मई-जून में 17.883 किलोग्राम हेरोइन और 26,135 किलोग्राम गांजा सहित अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए गए। पुलिस मेडिकल स्टोर और अन्य सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है।
21 जुलाई से शुरू होगा 'ऑपरेशन विधि पालक युवक'
युवाओं को कानूनी अधिकारों और कानूनों की जानकारी देने के लिए 21 जुलाई से 10 अगस्त तक 'ऑपरेशन विधि पालक युवक' चलाया जाएगा। इसके तहत मानव तस्करी, दहेज प्रताड़ना, पॉक्सो कानून, महिला अपराध, अनैतिक देह व्यापार अधिनियम, 1986 सहित अन्य महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों और अन्य प्रमुख स्थानों पर 'पुलिस दीदी टीम (अभया ब्रिगेड)' का भी गठन किया गया है।