बिहार सरकार ने राज्य के स्थानीय उद्योगों और उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने अपने अधीन आने वाले सभी नगर निकायों और संस्थानों को बिहार खरीद अधिमानता नीति-2024 तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सरकारी खरीद प्रक्रिया में स्थानीय औद्योगिक इकाइयों और उद्यमों को निर्धारित खरीद अधिमानता (Purchase Preference) का लाभ मिलेगा।
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि विभाग के सभी नगर निकायों और संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी सभी निविदाओं और अधिप्राप्ति प्रक्रियाओं में इस नीति का पालन सुनिश्चित करें। इससे वस्तुओं और सेवाओं की सरकारी खरीद में बिहार के स्थानीय उद्योगों की भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि यह नीति वस्तुओं और सेवाओं, दोनों की खरीद पर समान रूप से लागू होगी। वस्तुओं की खरीद के लिए संबंधित स्थानीय उद्यम का बिहार में पंजीकृत होना और उसकी उत्पादन इकाई का राज्य में स्थापित होना अनिवार्य होगा। इससे राज्य में विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय उद्योगों को नए अवसर प्राप्त होंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्थानीय उद्योग, उद्यमिता और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सरकारी खरीद प्रणाली में स्थानीय उद्यमों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और आत्मनिर्भर बिहार के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
स्थानीय उद्यमों को मिलेंगी कई रियायतें
नीतीश मिश्रा ने बताया कि नीति के तहत वस्तुओं और सेवाओं की खरीद में 15 प्रतिशत तक खरीद अधिमानता अंतर (Purchase Preference Margin) का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा विशेष श्रेणी के स्थानीय उद्यमों को कई महत्वपूर्ण रियायतें भी दी गई हैं, जिनमें शामिल हैं—
* निविदा प्रपत्र निःशुल्क उपलब्ध कराना।
* निविदा प्रतिभूति (Bid Security) से छूट।
* वार्षिक कारोबार, कंपनी की आयु और अनुभव संबंधी पात्रता शर्तों में 50 प्रतिशत तक सशर्त छूट।
* स्टार्टअप इकाइयों के लिए मनोनयन अथवा सीमित निविदा के माध्यम से खरीद की विशेष व्यवस्था।
MSME और स्टार्टअप को मिलेगा प्रोत्साहन
मंत्री ने कहा कि यह नीति राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देने, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को सशक्त बनाने और सरकारी खरीद प्रणाली में स्थानीय इकाइयों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विकसित बिहार के लक्ष्य को नई गति मिलेगी।
नगर निकायों को दिए गए सख्त निर्देश
नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी नगर निकायों और अधीनस्थ संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे बिहार खरीद अधिमानता नीति-2024 की अधिसूचना का विस्तृत अध्ययन कर उसके सभी प्रावधानों का प्रभावी और पारदर्शी तरीके से पालन सुनिश्चित करें, ताकि स्थानीय उद्योगों और उद्यमों को नीति के तहत मिलने वाले लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जा सकें।