8th Pay Commission: HRA और फिटमेंट फैक्टर पर टिकी केंद्रीय कर्मचारियों की नजर, कितनी बढ़ सकती है सैलरी?

8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच उत्सुकता बनी हुई है। आयोग का गठन किया जा चुका है और ये आयोग सेंट्रल गवर्नमेंट के एम्पलाइज की बेसिक सैलरी, भत्तों और दूसरी सुविधाओं की समीक्षा करेगी। इस कमीशन की सिफारिशों का असर करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनर्स पर पड़ेगा। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा HRA, फिटमेंट फैक्टर और नई बेसिक सैलरी को लेकर है।

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कर्मचारी संगठनों ने भी अपने-अपने सुझाव आयोग के सामने रखे हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है और अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों के बाद ही किया जाएगा। 8वें वेतन आयोग का उद्देश्य कर्मचारियों की मौजूदा वेतन व्यवस्था की समीक्षा करना और नई सिफारिशें तैयार करना है। आयोग में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई चेयरपर्सन हैं। प्रोफेसर पुलक घोष को पार्ट-टाइम सदस्य और पंकज जैन को सदस्य-सचिव बनाया गया है।

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हाल ही में आयोग ने 10 जुलाई को कोलकाता में बैठक भी की थी। इस मीटिंग में कर्मचारी संगठनों और विभिन्न यूनियनों ने अपने सुझाव और मांगें आयोग के सामने रखीं। आने वाले समय में आयोग देश के दूसरे हिस्सों में भी इसी तरह की बैठकें करेगा।

कर्मचारीयों की प्रमुख मांगें

कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में हाउस रेंट अलाउंस (HRA) बढ़ाना भी शामिल है। कुछ संगठनों ने X श्रेणी के शहरों में HRA को 36%, Y शहरों में 24% और Z शहरों में 12% करने का सजेशन दिया है। इसके अलावा, महंगाई भत्ता (DA) बढ़ने पर HRA में भी संशोधन करने की मांग की गई है।

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वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर की भूमिका

वेतन आयोग में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका फिटमेंट फैक्टर की मानी जाती है। नई बेसिक सैलरी तय करने में फिटमेंट फैक्टर अहम भूमिका निभाता है। इसी के आधार पर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय होती है। फिटमेंट फैक्टर जितना अधिक होगा, नई बेसिक सैलरी और उससे जुड़े दूसरे भत्ते भी उतने ही बढ़ेंगे। यही वजह है कि कर्मचारी संगठनों की नजर सबसे ज्यादा इसी पर टिकी हुई है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि 8वें वेतन आयोग में कौन-सा फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाएगा।

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8वां वेतन आयोग न्यूनतम बेसिक सैलरी (8th Pay Commission Minimum Basic Salary)

स्तर (Level) 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मूल वेतन (7th CPC Minimum Basic Pay)8वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मूल वेतन (फिटमेंट फैक्टर 1.85 के साथ)
लेवल-1 ₹18,000 ₹33,300
लेवल-2 ₹19,900 ₹36,815
लेवल-3 ₹21,700 ₹40,145
लेवल-4 ₹25,500 ₹47,175
लेवल-5 ₹29,200 ₹54,020
लेवल-6 ₹35,400 ₹65,490
लेवल-7 ₹44,900 ₹83,065
लेवल-8 ₹47,600 ₹88,060
लेवल-9 ₹53,100 ₹98,235
लेवल-10 ₹56,100 ₹103,785
लेवल-11 ₹67,700 ₹125,245
लेवल-12 ₹78,800 ₹145,780
लेवल-13 ₹118,500 ₹219,225
लेवल-14 ₹131,100 ₹242,535
लेवल-15 ₹144,200 ₹266,770
लेवल-16 ₹182,200 ₹337,070
लेवल-17 ₹205,400 ₹379,990
लेवल-18 ₹250,000 ₹462,500