यहां श्मशान में नहीं बल्कि घरों में लाशें दफनाने को मजबूर हैं लोग, चौंकाने वाली है वजह


पटना। बिहार के एक गांव से एक विचित्र मामला सामने आया है जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। बिहार के मधेपुरा जिले के एक गांव में एक परिवार को अंतिम संस्कार के लिए दो गज जमीन भी नहीं नसीब हो सकी है। दबंगों की वजह से जब परिवारवालों को अपने सदस्य को दफनाने के लिए कहीं जमीन नहीं मिली तो उन्होंने मजबूरन शव को घर में बनी गौशाला में दफनाया।

ताजा मामला 40 वर्षीय सोहागिया देवी की मौत से जुड़ा है जिसका अंतिम संस्कार परिवार के लोगों ने घर के ही गौशाला में किया। गांव के रामचंद ने बताया कि पूर्व में एक शव के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो चुका था जिसके डर से परिजनों ने घर में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

मामला बिहार के मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड के केवटगामा का है जहां के कुछ पिछड़ी जाति के लोग शवों को घर पर ही दफनाने या जलाने को मजबूर हैं। वह इसलिए कि गांव के ही दबंग उन्हें ऐसा करने को मजबूर करते हैं। दबंगों ने यहां के किसानों और पिछड़े गरीब लोगों को आसपास या अपनी जमीनों में अंतिम संस्कार करने को मना किया है। जिसकी वजह से ये लोग अपने ही घरों में अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं।

हालांकि मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और जल्द ही मामले की जांच करने और श्मशान ना होने पर आसपास श्मशान बनावे की बात कही है।

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English Summary

madhepura victim family did funeral of dead body in house