Ikka Review: नहीं चला सनी देओल-अक्षय खन्ना का जादू, हाथ लगी निराशा, 'इक्का' में कहां रह गई कमी?

फिल्म: इक्का (Ikka)
डायरेक्टर: सिद्धार्थ पी मल्होत्रा
स्टार कास्ट: सनी देओल, अक्षय खन्ना, दीया मिर्जा
रनटाइम: 2 घंटे 20 मिनट
ओटीटी प्लेटफॉर्म: नेटफ्लिक्स (Netflix)
रेटिंग: 2 (**)

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Ikka Review: बॉलीवुड के दमदार एक्टरों में शामिल सनी देओल और अक्षय खन्ना, एकसाथ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर धूम मचाने के लिए उतरे हैं। फिल्म 'इक्‍का' में दोनों बड़े एक्टर एकसाथ नजर आ रहे हैं। इस फिल्म से मेकर्स के साथ साथ दर्शकों को भी काफी उम्मीदें हैं। निर्देशक सिद्धार्थ पी मल्होत्रा ने जब से अपनी कोर्टरूम ड्रामा फिल्‍म की घोषणा की है, इसे लेकर लोगों में जबरदस्‍त उत्साह देखने को मिला है।

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अक्षय खन्ना-सनी देओल की इक्का का कैसा रहा परफॉर्मेंस?
हालांकि अफसोस कि अक्षय खन्ना और सनी देओल जैसे 2 स्टार्स की पावर और दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद ये फिल्म उस तरह का जादू नहीं कर पाई है जैसा इसे करना चाहिए था। जानकारी के अनुसार फिल्‍म इक्का आज यानी 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को ओटीटी प्‍लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) पर रिलीज हो गई है।

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क्या है फिल्म 'इक्‍का' की कहानी?

-फिल्म की कहानी मुंबई के मशहूर, आदर्शवादी और हमेशा जीत हासिल करने वाले वकील अर्जुन मेहरा (सनी देओल) की है। कमजोर वर्ग, सही और सताए हुए लोगों का केस लड़ने वाले अर्जुन को लोग 'इक्का' कहकर बुलाते हैं क्योंकि वह ऐन मौके पर अपना इक्का फेंककर कोर्टरूम में बाजी पलट देते हैं। हालांकि हालात उसे एक ताकतवर नेता के बिगड़ैल बेटे शौर्यमन गौर (अक्षय खन्ना) को बचाने पर मजबूर कर देते हैं, जिस पर एक लड़की सोमा मित्तल (आकांक्षा रंजन कपूर) पर जानलेवा हमला करने का आरोप है।

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-वैसे तो इक्का यानी अर्जुन मेहरा कभी ऐसे क्रिमिनल का साथ नहीं देता लेकिन अपने अतीत के कारण उसके अंदर का पिता अपने उसूलों से समझौता करने पर मजबूर हो जाता है। क्या है वो मजबूरी? क्या अर्जुन वाकई शौर्यमन को बचा पाता है? इन सारे सवालों के जवाब आपको फिल्म देखकर पता चलेंगे।

फिल्म की दमदार स्टारकास्ट और उनकी एक्टिंग

-फिल्‍म 'इक्का' की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टार पावर है। सनी देओल, अक्षय खन्ना, दीया मिर्जा, तिलोत्तमा शोम जैसे कलाकार अपनी मौजूदगी और परफॉर्मेंस से इसे चमकदार बनाते हैं। सभी ने अपनी-अपनी भूमिका के साथ भरपूर न्याय किया है।

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-सनी देओल और अक्षय खन्ना के गर्मजोशी वाले सीन देखने लायक हैं लेकिन सिद्धार्थ पी मल्होत्रा निर्देशित और अल्थिया कौशल के लिखे इस कोर्टरूम ड्रामा में उस इंटेंसिटी, चौंकाने वाले खुलासों और धारदार बहस की कमी खलती है, जिसकी दर्शक उम्मीद कर रहे थे।

'इक्का' में क्या रह गई कमी?

-इस फिल्म में मयंक तिवारी के डायलॉग्स की कमी खलती है। उनमें सनी देओल की मशहूर कोर्टरूम फिल्म 'दामिनी' वाला असर नहीं है। फिल्म की एक कमजोरी किरदारों का लेयर्ड न होना भी है। सनी देओल के अलावा बाकी किरदारों में गहराई नहीं है। यहां तक कि अर्जुन को जैसा कद्दावर वकील बताया गया है, वो साख भी कोर्ट में नहीं दिखती।

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-फिल्म में जज बने 'बिग बॉस' की आवाज वाले विजय विक्रम सिंह यहां भी उसी अंदाज में अर्जुन पर हावी दिखते हैं जबकि विरोधी वकील मधुरा बनर्जी (तिलोत्तमा शोम) के नए गवाह लाते ही वह अर्ली रिसेस यानी खाने की छुट्टी की गुहार लगाने लगता है। हालांकि प्रोडक्शन वैल्यू और तकनीकी पक्ष में फिल्म मजबूत है।

क्यों देखें 'इक्का'?

श्वेता वेंकट मैथ्यू की एडिटिंग में भी थोड़ी कसर रह गई है। बावजूद इसके इस फिल्म से ओटीटी पर कर चुके दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र के बड़े बेटे सनी देओल के लिए ये फिल्म एक बार तो देखी जा सकती है। अगर आप सनी देओल और अक्षय खन्ना के फैन हैं तो इस मूवी को एक बार जरूर देखें।

English Summary

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