वाराणसी: डायबिटीज के मरीजों के लिए आ गया हर्बल गुलाब जामुन

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वाराणसी। गुलाब जामुन वह मिठाई है जो हर किसी को पसंद है और शादी विवाह, मांगलिक कार्यक्रम में इसको परोसा जाता है। लेकिन डायबिटीज और अन्य बीमारी से परेशान लोग इस मिठाई का स्वाद चखने से डरते हैं। ऐसे ही लोगों के लिए वाराणसी के बीएचयू के पशुपालन और दुग्ध विज्ञान विभाग के एक छात्र ने हर्बल गुलाब जामुन को तैयार किया है। जो पूरी तरह से हर्बल है और जिसे खाने में किसी भी प्रकार की बीमारी का डर नहीं होगा। ये भी पढ़ें: शाहजहांपुर:कबाड़ से क्या-क्या कमाल कर गया ये शख्स, देखने वाले रह गए दंग

कैसे बनता है ये गुलाब जामुन

कैसे बनता है ये गुलाब जामुन

कढ़ाई में बन रहा ये गुलाब जामुन यू तो देखने में आम गुलाब जामुन की तरह है। लेकिन इसकी खासियत यह है कि इसे डायबिटिक भी बिना डरे खा सकते है। क्योंकि ये है हर्बल गुलाब जामुन। आम तौर पर गुलाब जामुन मैदे के मिक्स के साथ बनता है। लेकिन इस गुलाब जामुन में फाइबर मिलाया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। जिसके लिए इसमें खोये, मैदे और चीनी के साथ ओट (जई का आटा )का प्रयोग किया गया है जिसमे फाइबर होता है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

क्या कहना है एक्सपर्ट का

बीएचयू के पशुपालन और दुग्ध विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष दिनेश चन्द्र राय का कहना है कि गुलाब जामुन में फाइबर कंटेंट बढ़ जायेगा जिससे गुलाब जामुन में हाई कैलोरी वैल्यू कम हो जायेगा जो सुगर को बढ़ने नहीं देता है और इसके साथ ही कई प्रकार की बिमारियों को लोगों से दूर करता है।

किसने किया अविष्कार

किसने किया अविष्कार

बीएचयू के लैब में इस गुलाब जामुन का अविष्कार करने वाले शोध छात्र मानवेन्द्र ने इस गुलाब जामुन की रेसपी को तैयार किया है। हर्बल गुलाब जामुन में सबसे गुणकारी औषधीय माने जाने वाली तुलसी का प्रयोग किया गया है। गुलाब जामुन बनाने में लगने वाले शीरे में तुलसी की पत्ती को मिलाया गया है जो इसके स्वाद के साथ इसको और अधिक गुणकारी बनाती है। ताकि कोई भी व्यक्ति इसे खाते वक्त उसको अपने स्वास्थ्य का डर ना बना रहे।

क्या कहते हैं और लोग

क्या कहते हैं और लोग

उत्तर भारत में गुलाब जामुन का अपना एक अलग स्थान है। जिसे हर घर में पसंद किया जाता है, ऐसे में बीएचयू के पशुपालन और दुग्ध विज्ञान विभाग एक शोध छात्र द्वारा बनाया गया ये गुलाब जामुन अपने आप में ख़ास बनता जा रहा है। प्रयोगशाला में बना ये गुलाब जामुन जब बनकर तैयार हुआ तो इसे चखने वाले छात्रों की होड़ लग गयी। सभी ने इसे चखा और जिसके बाद सबने इसे वही स्वाद बताया जो गुलाब जामुन में होता है। साथ ही शोध छात्रा प्रीती सिंह कहती हैं कि इस प्रयोग में गुलाब जामुन स्वाद भी वहीं है जिसके लिए लोग गुलाब जामुन को पसंद करते हैं

अब नहीं होगा लोगों को शुगर होने का डर

अब नहीं होगा लोगों को शुगर होने का डर

निश्चित ही विश्वविद्यालय में बना ये हर्बल गुलाब जामुन की खोज उन लोगो के लिए राहत पहुंचायेगी जिन्हें मिठाई तो काफी पसंद हैं लेकिन शुगर के डर के कारण वो खा नहीं सकते। ऐसे में दूर से ही पानी टपकाना पड़ता हैं। लेकिन अब उनका ये तनाव खत्म हो गया है। गुलाब जामुन में मैदे के साथ ओट मिलाइये और सिरे तुलसी का पत्ता बस फिर बनाकर इसे खाइये। ये भी पढे़ं: आगरा: गरीबी, एक हाथ न रहने के बावजूद सोनिया ने हासिल किया बड़ा मुकाम

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English summary
varanasi bhu students cooked sugar free gulab jamun in uttar pradesh.
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