काशी में भक्तों ने लगाई मकर संक्रांति पर आस्था की डुबकी

मकर संक्रांति के इस शुभ अवसर पर हर साल की तरह इस बार भी काशी के गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं का जमावड़ा देखा गया।

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वाराणसी। मकर संक्रांति के इस शुभ अवसर पर हर साल की तरह इस बार भी काशी के गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा। भक्तों ने सूरज की पहली किरण से साथ गंगा में स्नान किया। वहीं, वाराणसी में हो रही जोरदार ठंड के बावजूद भी श्रद्धालुओं ने दशाश्वमेध घाट पर गंगा स्नान किया। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गुड़, तील और चावल का दान भी किया। ये भी पढ़ें: देश को एक सूत्र में बांधता मकर संक्रांति का त्योहार

वाराणसी: काशी में भक्तों ने लगाई मकर संक्रांति पर आस्था की डुबकी

बताया जाता है कि मकर संक्रांति वाले दिन भगवान सूर्य दक्षिण से उत्तर की ओर आते हैं। बता दें कि इस शुभ त्योहार पर काशी के दशाश्वमेध घाट पर सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। माना जाता है कि इस दिन राशियों का बड़ा महत्व होता है और सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। जिसके चलते सूर्य से निकलने वाली अद्भुत किरणें जब श्रृद्धालुओं पर पड़ती हैं तो उनमें नई ऊर्जा का संचार होता है। आज के ही दिन से सूर्य उत्तरायण होने के कारण इस पर्व को उत्तरायणी के नाम से भी जाना जाता है।

दूसरी तरफ ये भी माना जाता है कि मकर संक्रांति वाले दिन लोगों के गंगा में डुबकी लगाने से उन्हें पापों से मुक्ति मिल जाती है और साथ आज के ही दिन दान करने को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं, इंसान के जीवन में सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। काशी के सामने घाट से लेकर आदिकेशव घाट तक हर घाट पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। देर रात से ही हजारों की संख्या में भक्त घाटों पर पहुंच चुके थे। सुबह के चार बजे से ही गंगा में डुबकी लगाने का सिलसिला जारी हो गया था। सुबह होते-होते घाटों पर लाखों भक्तों का हूजूम उमड़ पड़ा। डुबकी लगाने वालों में पुरुषों के साथ महिलायें और बच्चे भी शामिल थे। ये भी पढ़ें: क्या है मकर संक्रांति और पतंग का कनेक्शन, क्यों उड़ती है खिचड़ी पर गुड्डी?

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English summary
makar sankranti thousands of devotees dip into gangaghat at varanasi in uttar pradesh.
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