यूपी विधानसभा चुनाव 2017: क्यों महिला उम्मीदवार पर नहीं जताते भरोसा?

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गोरखपुर । महिलाओं के अधिकारों की बात हमेशा की जाती है, हर पार्टी इस मुद्दे पर काफी गला फाड़ती है लेकिन जब चुनावों में देश की आधी आबादी को टिकट देने की बात आती है तो हर पार्टी के सारे वादे और नियम ताक पर चले जाते हैं।तो मुलायम नहीं पीएम नरेन्द्र मोदी से प्रभावित हैं अखिलेश, इसलिए चला ये दांव

गोरखपुर से तीन महिलाएं विजयीं

अब बात गोरखपुर की ही करें, तो इस जिले में दोनों मंडलों में सात जिले हैं और 41 विधानसभा क्षेत्र, साल 2012 के चुनाव में केवल तीन ही महिलाएं विधानसभा पहुंचने में कामयाब हुई। जीतने वाली सभी सपाई थी और इस बार भी सपा ने उन पर दोबारा भरोसा जताया है और साथ में तीन और महिला उम्मीदवार भी खड़े किए हैं।

गजाला लारी ही विधानसभा पहुंची

वर्ष 2007 के विस चुनाव में तो केवल सलेमपुर से गजाला लारी ही विधानसभा पहुंची थी। पिछले विस चुनाव में सपा ने 6, भाजपा ने 5, बसपा ने 3, कांग्रेस ने 6 महिला उम्मीदवार खड़े किए थे। इसके अलावा निर्दल तौर पर 21 व छोटे दलों ने 16 महिला उम्मीदवार उतारें थे लेकिन सभी को करारी हार का सामना करना पड़ा।

बांसगांव में महिलाओं की टक्कर दिलचस्प

बांसगांव में तो तीन महिलाओं की कड़ी टक्कर में बसपा के विजय कुमार बाजी जीत गए थे। यहां पर महिलाओं की फाइट दिलचस्प होती हैं। कुछ इसी तरह की स्थिति हरैया, शोहरतगढ़ सीट पर भी नजर आती हैं।

गोरखपुर की नौ विधानसभा क्षेत्र की चार सीटों पर महिलाएं

सपा ने इस बार सबसे ज्यादा महिला उम्मीदवार गोरखपुर की नौ विधानसभा क्षेत्र की चार सीटों पर उतार कर चौंका दिया हैं। पिछले विस चुनाव में पिपराइच से राजमति निषाद,रामपुर कारखाना से गजाला लारी और शोहरतगढ़ से लालमुन्नी सिंह विधानसभा पहुंची थी। सपा ने इस बार कैंपियरगंज से चिंता यादव, पिपराइच से
राजमति, खजनी से रुपावती बेलदार, बांसगांव से शिवपाल गुट ने सुमन पासवान व अखिलेश गुट ने शारदा देवी और इसी गुट ने शोहरतगढ़ से लालमुन्नी सिंह को दोबारा खड़ा किया हैं। सपा चूंकि कलह के पायदान पर खड़ी है इसलिए उम्मीदवार सूची में बदलाव संभव हैं।

भाजपा-कांग्रेस से काफी उम्मीदें

भाजपा-कांग्रेस की उम्मीदवार सूची जारी नहीं की हैं। पिछले विस चुनाव में भाजपा ने हरैया से अनुराधा चौधरी, महादेवा (सु) से वीना राय , बांसगांव (सु) से सुभावती पासवान, शोहरतगढ़ से साधना चौधरी, सलेमपुर से विजय लक्ष्मी को चुनाव लड़ाया था लेकिन सभी हार गयी। वहीं बसपा की पूर्ण सूची एक दो दिन में आ जायेगी। हालांकि बसपा सुप्रीमें ने गोरखपुर की नौ सीटों पर एक भी महिला उम्मीदवार नहीं उतारा हैं। पिछले बार भी डुमरियागंज, हरैया व बरहज में ही महिला उम्मीदवार उतारे गए थे। जिन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

कांग्रेस की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं महिलाएं

कांग्रेस ने पिछले विस चुनाव में धनघटा, पनियरा, बांसगांव, फाजिलनगर, भाटपार रानी से महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया था लेकिन कोई भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा था। अभी कांग्रेस उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग ही कर रही हैं। जल्द सूची घोषित होने की उम्मीद हैं।

83 महिला उम्मीदवार मैदान में थीं

विधान सभा चुनाव 2012 में उप्र से 583 महिला उम्मीदवार मैदान में थीं लेकिन 35 को ही जीत मिली। सबसे ज्यादा 20 महिला उम्मीदवार सपा से जीतीं। बीजेपी से 7, कांग्रेस से 3, बसपा से 3 जीते। अपना दल व निर्दलीय 1-1 कामयाब हुई। वर्ष 2002 के विस चुनाव में 26 व 2007 में 23 महिला उम्मीदवार विधानसभा पहुंची थी। इस बार भी महिलाओं को टिकट देने के मामले में सपा आगे हैं। बसपा, कांग्रेस, भाजपा महिलाओं पर कितना भरोसा करती है यह तो लिस्ट फाइनल के बाद ही कुछ कहा जा सकता हैं।

उप्र विधानसभा चुनाव 2012 में पार्टीवार महिला उम्मीदवार

  • बसपा- 3 सभी हारी 
  • कांग्रेस- 6 सभी हारी 
  • सपा- 6 जिसमें तीन जीती 
  • भाजपा- 5 सभी हारी 
  • निर्दलीय - 16 व अन्य दल-21 सभी हारी 


सपा से लड़ी

  • पिपराइच - राजमति निषाद विजयी (दोबारा टिकट मिला)शोहरतगढ़- लालमुन्नी सिंह 
  • विजयी (अखिलेश गुट से दोबारा टिकट मिला)रामपुर कारखाना- गजाला लारी विजयी 
  • (दोबार टिकट मिला)बांसगांव (सु)- शारदा देवी हारी (अखिलेश गुट ने दोबारा 
  • टिकट दिया)(दूसरा स्थान)गोरखपुर शहर- राजकुमारी देवी (अबकी अखिलेश ने इनके 
  • पुत्र पर भरोसा जताया हैं)(दूसरा स्थान)कैंपियरगंज - चिंता यादव (दूसरा स्थान) (दोबारा टिकट मिला) 


अन्य दलों से चुनाव लड़ने वाली महिला उम्मीदवार जो हार गयी

बसपा डुमरियागंज - सैय्यदा खातून (दूसरा स्थान) 

  • हरैया- ममता पांडेय ( दूसरा स्थान) 
  • बरहज- रेनू जयसवाल (दूसरा स्थान) 


कांग्रेस 

  • धनघटा - अर्चना महातमपनियरा- तलत अजीज (चौथा स्थान)गोरखपुर ग्रामीण- काजल 
  • निषाद (पांचवां स्थान)बांसगांव - निर्मला देवी ( चौथा स्थान)
  • फाजिलनगर- शाशि ( चौथा स्थान) 
  • भाटपाररानी- बिंदा (तीसरा स्थान) 

भाजपा

  • शोहरतगढ़ - साधना चौधरीहरैया - अनुराधा चौधरी (चौथा स्थान)महादेवा - वीना 
  • राय (तीसरा स्थान)बांसगांव - सुभावती पासवान (तीसरा स्थान)सलेमपुर- विजय 
  • लक्ष्मी (दूसरा स्थान) 
  • निर्दलीय- 16 
  • अन्य दल -21
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English summary
Why Women Candidates are very less in UP Assembly Election 2017, here is reasons, please have a look.
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