यूपी चुनाव: बीजेपी से नाराज चल रहे स्वामी प्रसाद मौर्य, अखिलेश के दरबार में खोज रहे ठिकाना

बीजेपी में अभी स्वामी प्रसाद मौर्य ने करीब 6 महीने ही बिताए हैं, इस बीच उनका बीजेपी से मोहभंग होता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य बीजेपी के टिकट बंटवारे से नाराज हैं।

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चुनावी संग्राम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है सियासी दलों का चुनावी गणित भी बदलता जा रहा है। पार्टियां मतदाताओं के आंकड़ों और सियासी रणनीति को साधने की कवायद से उम्मीदवारों का चयन कर रही हैं। ऐसे में उन नेताओं की रणनीति को झटका लगा है जिन्होंने अपना नफा-नुकसान समझकर चुनाव से ठीक पहले पाला बदला और दूसरी पार्टी में शामिल हो गए। इसमें बड़ा नाम बहुजन समाज पार्टी से बीजेपी में स्वामी प्रसाद मौर्य का है।

स्वामी प्रसाद मौर्य बीजेपी में टिकट बंटवारे से हुए खफा

स्वामी प्रसाद मौर्य मायावती के नेतृत्व बहुजन समाज पार्टी के बड़े नेता थे, लेकिन चुनाव से ठीक पहले उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया। बीजेपी में अभी उन्होंने महज 6 महीने ही बिताए हैं कि उनका बीजेपी से मोहभंग होता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य बीजेपी के टिकट बंटवारे से नाराज हैं, ऐसे में वो अब नई रणनीति पर विचार कर रहे हैं।

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स्वामी प्रसाद मौर्य ने की अखिलेश की तारीफ

जानकारी के मुताबिक स्वामी प्रसाद मौर्य समाजवादी पार्टी में अपने लिए जगह तलाश रहे हैं। कहा जा रहा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने जब बीजेपी ज्वाइन की थी तो उन्हें उम्मीद थी कि बीजेपी से उनके साथ-साथ उनके परिवार और समर्थकों को भी टिकट मिलेगा। हालांकि बीजेपी की पहली लिस्ट के बाद उनकी योजना को झटका लगा है। खबर है कि अब स्वामी प्रसाद मौर्य सपा में जाने का जुगाड़ तलाश रहे हैं।

'अखिलेश यादव युवा और अनुभवी नेता'

जानकारी के मुताबिक स्वामी प्रसाद मौर्य ने यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की जमकर तारीफ करते हुए उनको 'साइकिल' की जंग जीतने के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव युवा, अनुभवी नेता के साथ-साथ बहुत अच्छे इंसान हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य का ओबीसी वोटबैंक पर अच्छी पकड़ है। उनका कहना है कि बीजेपी में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उनके मुताबिक जो उनसे कहा गया था वैसा नहीं हो रहा है। वो लगातार अपने परिवार ओर समर्थकों को टिकट दिलाने की कवायद में जुटे हुए हैं लेकिन उन्हें कामयाबी मिलती नहीं दिख रही है।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी से मांगी 35 सीटें

स्वामी प्रसाद मौर्य ने बताया कि उन्होंने बीजेपी से यूपी में 35 सीटें मांगी थी, इसमें उनके समर्थकों के साथ बेटे और बेटी का नाम भी उम्मीदवारी को लेकर शामिल था, लेकिन बीजेपी सूत्रों के मुताबिक पार्टी उन्हें पांच सीट से ज्यादा देने के मूड में नहीं दिख रही है। इसी वजह से स्वामी प्रसाद मौर्य नाराज हैं। बीजेपी ने जब स्वामी प्रसाद मौर्य को पार्टी में लेकर आए तो उन्हें उम्मीद थी कि इससे मौर्य के साथ-साथ कुशवाहा, सैनी और शाक्य वोट पर उनके प्रभाव का पार्टी को फायदा होगा। पार्टी की रणनीति यूपी चुनाव के साथ-साथ 2019 के लोकसभा चुनाव में भी गणित साधने की थी।

मायावती का साथ छोड़कर बीजेपी में आए थे स्वामी प्रसाद मौर्य

अब स्वामी प्रसाद मौर्य की मांग के बाद बीजेपी परेशान है कि आखिर उन्हें कैसे मनाया जाए। बता दें कि बीजेपी में आने से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य बीएसपी के बड़े नेता थे, मायावती ने उन्हें उत्तर प्रदेश में विपक्ष का नेता बनाया हुआ था, हालांकि उन्होंने चुनाव से ठीक पहले बीएसपी छोड़ दी। पार्टी छोड़ते वक्त उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती पर विधानसभा टिकट बेचने का आरोप लगाया था।

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English summary
Swami Prasad Maurya strategically joined BJP from bsp evaluating another change of party.
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