BHU की छात्राओं ने उठाया लोगों को कैशलेस का मतलब समझाने का बीड़ा

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वाराणसीकैशलेस यानी मोबाइल के इस्तेमाल से बिना कैश के भुगतान के विकल्प को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान की बाद से सक्रिय हुए उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की छात्राओं ने राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजीव मिश्र के नेतृत्व में 'मेरा मोबाइल मेरा बटुआ' जागरूकता अभियान शुरू कर दिया। अभियान के तहत छात्राओं ने बिना इन्टरनेट के साधारण मोबाइल से रूपये के लेनदेन की प्रकिया को साधारण दुकानदारो को समझाया।

BHU की छात्राओं ने उठाया लोगों को कैशलेस का मतलब समझाने का बीड़ा

छात्राओं की टोली आस-पास के छोटे दुकानदारों, किरानास्टोर वालों, ठेले खोमचों वालों, सब्जी बेचने वालों, सहित ऑटो रिक्शा वालों को, पड़ोसियों और दोस्तों को मोबाइल से खरीद फरोख्त करना सिखाया।छोटे दुकानदारों ने छात्राओं के पहल को अच्छा बताया और मोबाइल से लेन देन लागू करने के हामी भरी है। अभियान के प्रथम चरण में बीएचयू कैंपस में मोची , साइकिल पंचर वाला,ढाबा वालों को और बाहर फल और सब्ज़ी विक्रेताओं सहित अन्य विद्यार्थियों के मोबाइल को बटुआ बनाना सिखाया।

डॉ. राजीव मिश्र ने ई-वालेट यानि मोबाइल ही बटुआ अभियान में बताया की अगर देश भर के 800 विश्वविद्यालयों, 160 केन्द्रीय संस्थानों और 46,000 महाविद्यालयों के 3.5 करोड़ से ज्यादा छात्र-छात्राओं को साथ मिले तो कैशलेस इंडिया का लक्ष्य शीघ्र ही मुमकिन है । डिजिटल युग में मोबाइल का इस्तेमाल पैसे का लेन-देन के लिए विश्वास जगा कर किया जा सकता है। छात्राओं ने बताया की बीएचयू कैंपस के बैंक भी अब विद्यार्थियों को कैशलेस इकॉनमी के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं और जल्दी ही वो कैंपस को लेसकैश की तरफ ले जायेंगी। ये भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में भाजपा ने जारी किए पैम्फ्लेट, सपा-बसपा का है जिक्र कांग्रेस नदारद

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English summary
Students of Banaras Hindu University promoting cashless system in Varanasi
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