सपा के समर्पित नेता और पूर्व प्रधान की चुनाव खत्म होते ही गोलियों से भूनकर हत्या

साल 2000 में प्रधान की कुर्सी संभालने वाले राम प्रसाद यादव की हत्या की वजह चुनावी रंजिश मानी जा रही है। पुलिस भी विधानसभा चुनाव की रंजिश में संभावनाओं को तलाश रही है।

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इलाहाबाद। प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा में पूर्व प्रधान को दिनदहाड़े गोलियों से भून डाला गया। इसके बाद आनन-फानन में परिजन उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात को बाइक सवार तीन बदमाशों ने अंजाम दिया। पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया है और अब बदमाशों की तलाश की जा रही है।

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सपा के समर्पित नेता और पूर्व प्रधान की चुनाव खत्म होते ही गोलियों से भूनकर हत्या

दुकान पर हुआ हमला

पतरा तेलियारी गांव निवासी रिटायर्ड शिक्षक व पूर्व प्रधान रामप्रसाद यादव (65) इन दिनों घर से दूर नहर की पटरी पर किराने की दुकान के साथ ही डेयरी का कारोबार करते थे। सुबह वो ग्रामीणों के साथ बैठकर बातचीत कर रहे थे कि बाइक सवार तीन युवक पहुंचे और राम प्रसाद पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियां चलते ही भगदड़ मच गई और मौका पाकर हमलावर भाग निकले।

सपा के समर्पित नेता और पूर्व प्रधान की चुनाव खत्म होते ही गोलियों से भूनकर हत्या

अस्पताल में मृत घोषित

रामप्रसाद को कई गोलियां लगी, इसके बाद लहूलुहान रामप्रसाद को परिजन अमरगढ़ अस्पताल लेकर पहुंचे तो उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया लेकिन जिला अस्पताल में डाक्टरों ने राम प्रसाद को मृत घोषित कर दिया।

मुकदमा दर्ज तलाश शुरू

रामप्रसाद की पत्नी यशोदा की तहरीर पर पुलिस ने तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस भी हत्या के कारणों को खंगाल रही है लेकिन स्पष्ट तौर पर अभी कोई भी कारण सामने नहीं आ रहा है। पुलिस तीनों हमलावरों की तलाश कर रही है।

सपा के समर्पित नेता और पूर्व प्रधान की चुनाव खत्म होते ही गोलियों से भूनकर हत्या

चुनावी रंजिश में गई जान

देवसरा विकासखंड में साल 2000 में प्रधान की कुर्सी संभालने वाले राम प्रसाद यादव की हत्या की वजह चुनावी रंजिश मानी जा रही है। पुलिस भी विधानसभा चुनाव की रंजिश में संभावनाओं को तलाश रही है। रामप्रसाद का खुद के गांव के साथ ही आसपास के गांवों में भी मजबूत पकड़ थी और चुनाव में वो सपा को सपोर्ट कर रहे थे। सपा जिलाध्यक्ष भैयाराम पटेल ने बताया कि रामप्रसाद समर्पित कार्यकर्ता थे। उनके गांव के कुछ लोगों से छोटे-मोटे विवाद भी थे लेकिन उसे लेकर हत्या जैसी नौबत नहीं थी। एसओ देवसरा मनीष पांडेय ने बताया कि पूर्व प्रधान की हत्या की जांच रंजिश और संपन्न हुए विधानसभा चुनाव को देखते हुए की जा रही है। अन्य बिंदुओं की भी तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं।

भाड़े के थे कातिल

प्रधान राम प्रसाद यादव की हत्या भाड़े के पेशेवर हत्यारों ने की है। गोली मारने के तौर-तरीकों कि छानबीन के बाद इसकी आशंका साफ तौर पर जताई जा रही है कि हत्यारे पेशेवर कातिल थे। जिस तरह बाइक सवार बदमाश पल भर में ही तीन-चार गोली मारने के बाद भाग निकले ये सामान्य लोगों के बस की बात नहीं थी। बदमाशों का निशाना इतना सटीक था कि एक गोली सीने में तो दो पेट में जा धंसी। गोली पूर्व प्रधान के शरीर को पार कर गई थी। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने छानबीन के बाद परिवार के लोगों से घटना के सिलसिले में जानकारी ली है। गांव में तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात कर दी गई है।

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English summary
SP dedicate leader been murdered by assailants after election rage in Pratapgarh Allahabad
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