सहारनपुर: मायावती की इस लकी सीट से दलित ही बनता है विधायक, जानिए क्या है वजह?

सहारनपुर देहात सीट यूपी की नंबर चार विधानसभा सीट है। इस सीट की खास बात ये है कि यह सीट सामान्य होने के बाद भी यहां से दलित विधायक ही अपनी जीत दर्ज करता है।

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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण जहां मतदान होना है, उसमें एक सीट है सहारनपुर देहात। यह सीट यूपी की नंबर चार विधानसभा सीट है। इस सीट की खास बात ये है कि यह सीट सामान्य होने के बाद भी यहां से दलित विधायक ही अपनी जीत दर्ज करता है। सहानपुर जनपद की यही वो सीट है, जिससे जीत दर्ज कर मायावती दो बाद यूपी की मुख्यमंत्री बन चुकी है। इस सीट से मायावती ने जब भी चुनाव लड़ा, तभी सीएम की कुर्सी तक पहुंची, इस नाते यह सीट मायावती के लिए लकी भी साबित होती है।

सहारनपुर: मायावती की इस लक्की सीट से दलित ही बनता है विधायक, जानिए क्या है वजह?

सहारनपुर देहात सीट को वर्ष 2012 से पहले हरोड़ा के नाम से जाना जाता था, लेकिन 2012 में हुए परिसीमन के बाद इस सीट का नाम हरोड़ा से बदल कर सहारनपुर देहात कर दिया गया और एससी के लिए आरक्षित इस सीट को सामान्य कर दिया गया। सामान्य सीट होने के बावजूद इस सीट से दलित ही विधायक बनता आ रहा है। इस बार के विधानसभा चुनाव में भी दलित प्रत्याशी की टक्कर गुर्जर और गाड़ा बिरादरी के प्रत्याशियों के बीच है। बसपा ने इस सीट से दलित विधायक जगपाल सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि भाजपा से यहां पर गुर्जर बिरादरी के मनोज चौधरी और कांग्रेस-सपा गठबंधन के मसूद अख्तर को अपना प्रत्याशी बनाया है।

इस सीट पर एक लाख 25 हजार से अधिक दलित मतदाता हैं। यह सीट सहारनपुर शहर के चारों तरफ फैली हुई है। यानि सहारनपुर शहर के आसपास के सभी ग्राम इस सीट के अंतर्गत आते हैं। सर्वाधिक दलित मतदाता होने के कारण इस सामान्य सीट पर दलित ही विधायक बनता है। 2012 के विधानसभा चुनाव में बसपा के जगपाल सिंह ने कांग्रेस के अब्दुल वाहिद को परास्त कर अपनी जीत दर्ज की थी।

वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने वर्ष 1996 में यहां से चुनाव लड़ा था और वे सीएम बनी थीं। इसके बाद मायावती ने जब 2002 में यहां से चुनाव लड़ा तो वह फिर से सीएम बनी। यह बात अलग है कि दोनों ही बाद बसपा द्वारा सपा और भाजपा से किया गया गठबंधन कामयाब नहीं हो सका और मायावती को सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ी। इस सीट को मायावती के लिए लकी माना जाता है।

सहारनपुर देहात (पूर्व में हरोड़ा) से ये बने विधायक
1991- बिमला राकेश, सपा
1993- मोहर सिंह, बीजेपी
1996- मायावती, बसपा
1998-उप चुनाव- जगपाल सिंह, बसपा
2002- मायावती, बसपा
2003-उप चुनाव- बिमला राकेश, सपा
2007- जगपाल सिंह, बसपा
2012- जगपाल सिंह, बसपा

कितने हैं मतदाता
पुरुष मतदाता-171464
महिला मतदाता-144982
थर्ड जेंडर- 10
कुल मतदाता- 316456
कुल मतदान केंद्र-176
कुल मतदेय स्थल-300 ये भी पढ़ें: सहारनपुर: यूपी की नंबर 3 विधानसभा पर लगी है सपा, भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर, क्या है खास

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English summary
saharanpur haroda dehat assembly mayawati dalit uttar pradesh.
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