अतीक अहमद और सिब्बेतुल्ला को टिकट पर अखिलेश की चुप्पी से उठे सवाल

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिय़ा मुलायम सिंह यादव ने 325 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी, इस लिस्ट बाहुबली अतीक अहमद का भी नाम है, उन्हें कानपुर की कैंट सीट से सपा ने उम्मीदवार घोषित किया है। अतीक के अलावा मुख्तार अंसारी के भाई सिब्बेतुल्लाह अंसारी को भी टिकट दिया गया है। अंसारी बंधुओं और अतीक अहमद को टिकट दिए जाने का मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शुरु से विरोध करते आ रहे हैं लेकिन बावजूद इसके जब इनके नाम घोषित किए गए तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अभी तक इन नामों पर कोई भी विरोध दर्ज नहीं कराया है।

akhilesh yadav

सपा ने जब उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की तो अखिलेश यादव के कई समर्थकों को टिकट नहीं दिया गया, लेकिन इस बात पर जब अखिलेश यादव से पूछा गया तो उन्होंने अंसारी और अतीक पर कुछ भी नहीं कहा, बल्कि उन्होंने कहा कि वह इस उनके करीबियों को टिकट नहीं दिए जाने पर मुलायम सिंह से बात करेंगे। जिसके बाद अखिलेश यादव ने आज कई उम्मीदवारों से मुलाकात की और उनकी समस्या को सुना। लेकिन अभी तक बाहुबलियों को टिकट दिए जाने पर अखिलेश यादव ने चुप्पी साध रखी है।

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वहीं इस मामले पर बसपा के सुधींद्र भदौरिया ने कहा कि इस लिस्ट से सपा का असली चेहरा एक बार फिर से सामने आया है, इस लिस्ट ने साफ कर दिया है कि सपा का मूलमंत्र गुंडाराज है। अखिलेश खुद को इससे अलग दिखाने की कोशिश कर रहे हैं वह गलत है, वह भी पार्टी के चरित्र के अनुसार ही चल रहे हैं और यह इस बात से साफ स्पष्ट है कि उन्होंने इन उम्मीदवारों का विरोध नहीं किया। मुलायम सिंह को लगता है कि प्रदेश में अभी गुंडाराज पर्याप्त नहीं है लिहाजा वह इसे और बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं भाजपा प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि यह सपा का अंदरूनी मामला है, लेकिन पार्टी के भीतर नूराकुश्ती चल रही है, एक पार्टी में लाता है और दूसरा पार्टी से बाहर करता है।

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English summary
Question raises over the silence on Atiq and Ansari ticket in SP list. Opposition says it shows the real nature of the party.
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