मुलायम सिंह के द्वारा जारी किए गए पत्र पर उठे सवाल

Written By:
Subscribe to Oneindia Hindi

लखनऊ। समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव आमने-सामने आ गए हैं, एक तरफ जहां राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सम्मेलन में रामगोपाल यादव ने अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्तान पास कराया तो दूसरी तरफ मुलायम सिंह यादव ने इस सम्मेलन को अवैध करार देते हुए इसकी निंदा की और रामगोपाल यादव को इसका साजिशकर्ता करार देते हुए उन्हें एक बार फिर से पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

mulayam singh

मुलायम सिंह यादव की ओर से एक पत्र जारी किया गया है जिसमें उन्होंने रामगोपाल यादव को पार्टी से बाहर करने का ऐलान किया है, लेकिन इस पत्र पर एक बड़ा सवाल यह उठता है कि जो पत्र जारी किया गया है वह समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष के पत्र पर नहीं जारी किया गया है और ना ही मुलायम सिंह यादव के हस्ताक्षर के नीचे यह लिखा है कि वह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। ऐसे में इस पत्र पर भी सवाल उठता है।

इसे भी पढ़े- अमर सिंह भाजपा के एजेेंट, वह असली विलेन हैं- नरेश अग्रवाल

letter

यहां यह गौर करने वाली बात यह भी है कि जब रामगोपाल यादव ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को बुलाया था मुलायम सिंह यादव ने इसे अवैध करार देते हुए कहा था कि किसी भी आपातकालीन बैठक को बुलाने के लिए कम से कम 15 दिन का वक्त दिया जाता है, लेकिन मुलायम सिंह यादव ने आज 5 जनवरी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की आपातकालीन बैठक को बुलाया है, लेकिन इसे भी 15 दिन की नोटिस दिए बिना बुलाया गया। यहां यह भी गौर करने वाली बात यह है कि मुलायम ने कहा कि कार्यकारिणी के आपात अधिवेशन को संसदीय बोर्ड की बैठक के में बुलाने का फैसला लिया गया है। लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि यह बैठक कब हुई, क्योंकि तमाम संसदीय बोर्ड के सदस्य अखिलेश यादव के साथ हैं।

देश-दुनिया की तबरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Question raises over the letter released by Mulayam Singh Yadav. This letter has some serious question which needs an answer.
Please Wait while comments are loading...