यूपी चुनाव: पार्टियां कर रही हैं सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल, वायरल हो रही हैं एडिटेड तस्वीरें

चुनाव प्रचारों में सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। जैसे ही किसी भी पार्टी के समर्थकों को दूसरे पार्टी की कोई ऐसी तस्वीर मिलती है कोई भी चुटकी लेने से परहेज नहीं कर रहा है।

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वाराणसी। इस विधानसभा चुनाव में सोशल मिडिया का वार जोरों पर है। फिर चाहे वाट्स एप हो या फेसबुक हर तरफ भाजपा को घेरने की कोशिश हो रही है। पहले यह टिकट बंटवारे के बाद पार्टी के लोगों ने शुरू किया था पर अब तमाम विरोधी पार्टियां भी जोरों से ऐसे तस्वीरों को वायरल करने में परहेज नहीं कर रही हैं। ऐसा ही कुछ चल रहा है इन दिनों वाराणसी में भी, जहां चुनाव प्रचारों में सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। जैसे ही किसी भी पार्टी के समर्थकों को दूसरे पार्टी की कोई ऐसी तस्वीर मिलती है कोई भी चुटकी लेने से परहेज नहीं कर रहा है।

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सोशल मीडिया के माध्यम से किया जा रहा है व्यंग

प्रधानमंत्री की सभाओं की फोटो को एडिटिंग कर वाट्स एप, फेसबुक पर जमकर लगाया जा रहा है। यही नहीं इन पोस्टों के माध्यम से हर चुनावो में राम मंदिर के निर्माण में होने वाली देरी और चुनाव में रामलला से जुड़े तमाम मुद्दे सोशल मीडिया के माध्यम से व्यंग किए जा रहे हैं।

राम मंदिर के मुद्दे पर बनाया जा रहा है बीजेपी को निशाना

वाराणसी में वाट्स एप पर इन दिनों सबसे ज्यादा राम मंदिर और उससे जुड़ी हुई बातों के कार्टून वायरल हो रहे हैं। जिसमे एक तस्वीर अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर है। तस्वीर में मंच के सामने जनता खड़ी हैं जो जोर-जोर से हंस रही हैं और शाह भाषण देते-देते पीछे खड़े घूमते हैं और उनसे पूछा जाता है कि 'लोग हंस क्यों रहे हैं? कोई चुटकुला सुनाया क्या' जिस पर जबाब मिलता हैं 'नहीं साहेब मैंने तो बस इतना बोला की चुनाव जीते तो राममंदिर बनवा देंगे।'

काव्य आधारित तंज की हो रही है बीजेपी पर बौछार

वायरल की जा रही इन तस्वीरों में एक भगवान राम और सीता पर बेस्ड है। जिसमें दिखाया जा रहा है कि सीता दुःखी मन से बैठी हैं और विशेष पार्टी को अपने दुखी होने का कारण बता रही हैं। तो दूसरे में राम ये पूछ रहे हैं की आज आप को इतनी हिचकियां क्यों आ रही हैं? जिस पर राम कहते हैं की चुनाव का समय है, याद किया जा रहा होगा!

एडिटेड तस्वीरों से भी हो रहा है प्रहार

अब बताते है एडिटिंग की गई दो और तस्वीरों के बारे में, जिनमें पहली चुनावी सभा का इस्तेमाल करने पर है तो दूसरी तस्वीर संयुक्त प्रेस वार्ता पर व्यंग कर रही है।

यही नहीं वोट बैंक के लिए भी कार्टून बनाकर जाति विशेष को लुभाने का प्रयास किया जा रहा है।

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English summary
Political Parties use satire based cartoon to counter each other in Social Media
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