नोटबंदी का पचासवां दिन बरेली को पड़ा भारी, बैंक की लाइन में लगे व्यक्ति की मौत

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बरेलीउत्तर प्रदेश के बरेली में मोदी सरकार के नोटबंदी के साइड इफेक्ट जारी है । ताजा मामला बहेड़ी का है जहां बैंक की लाइन में खड़े शमीम अहमद (55 ) की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक शमीम अहमद बहेड़ी के नगर पालिका स्थित स्टेट बैंक की ब्रांच में पैसे निकलने के लिए कई दिनों से चक्कर काट रहे थे लेकिन उनके पैसे नहीं निकल पा रहे थे।

नोटबंदी का पचासवां दिन बरेली को पड़ा भारी, बैंक की लाइन में लगे व्यक्ति की मौत

बुधवार (28 दिसंबर) को पहुंचे शमीम अहमद की बैंक की कतार में तबियत खराब होगई और जैसे ही शमीम ने घर जाने के लिए थोड़ी ही दूरी तय की बैसे ही शमीम जमीन पर बेहोश होकर गिर पड़े। खबर पाकर शमीम का बेटा नसीम अहमद उन्हें दिखाने के लिए डॉक्टर के पास ले गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बता दें कि यह नोटबंदी के बाद से यह जिले में चौथी मौत है।
इससे पहले उत्तर प्रदेश स्थित बरेली के तहसील मीरगंज के गांव चनेहेटा में मजदूर की सदमे के चलते मौत हो गई थी। परिवार के अनुसार धर्मवीर के बेटे की तबियत कुछ दिनों से खराब चल रही थी। जिसके चलते वह लगातार तीन दिन से बल्लिया स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की ब्रांच पैसे निकांलने जा रहे थे लेकिन बैंक की बढ़ती भीड़ के चलते धर्मवीर का पैसे नहीं निकाल सके।इस बात को लेकर धर्मवीर बहुत परेशान था।
बृहस्पतिवार (15 दिसंबर) रात को खाना खाने के बाद धर्मवीर सो गया लेकिन आधी रात के बाद धर्मवीर की तबियत खराब हुई और सीने में दर्द बताते हुए दम तोड़ दिया। वहीं धर्मवीर के भाई हीरा लाल का कहना है कि पड़ोस के लोगों से बेटे के इलाज के लिए मदद मांगी लेकिन उन्हें मदद नहीं मिली। इससे पहले तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने दावा किया था कि नोटबंदी के कारण अब तक 100 लोगों की मौते हो चुकी हैं, जिसमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश (27) है। ये भी पढे़ं: नोटबंदी: पुराने नोट डिपॉजिट कराने का कल आखिरी दिन, 30 दिसंबर के बाद क्या होगा?

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English summary
One more death due to demonetisation in Bareilly,Uttar Pradesh
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