सपा और बसपा में मुस्लिम वोटों के लिए घमासान, मुस्लिम नेताओं ने की अपील

Subscribe to Oneindia Hindi

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को पहले चरण के मतदान डाले जा रहे हैं। इस दौरान तमाम धार्मिक नेताओं और संगठनों की ओर से अपील भी आ रही है। मुस्लिम धार्मिक नेता खालिद राशिद ने कहा है कि सभी लोग सोच समझ कर मतदान करें।

राशिद ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का गठबंधन हम सभी के हक में है। वोटर समझदारी से वोट डालें। कोशिश करें, उसमें बिखराव ना हो।

सपा और बसपा में मुस्लिम वोटों के लिए घमासान, मुस्लिम नेताओं ने की अपील

यहां बसपा का समर्थन

दूसरी ओर तहफ़्फ़ुजे मिल्लत कौंसिल ऑफ़ इंडिया ने बहुजन समाज पार्टी का समर्थन किया है। कौंसिल से जुड़े कई उलेमाओं ने बसपा का समर्थन किया है। अध्यक्ष अल्लामा सैय्यद हमीयक ने कहा कि मुलामय सिंह वोट की राजनीति कर मुल्ला मुलायम बन गए।

बसपा की तारीफ करते हुए अल्लामा ने सपा पर निशाना साधते हुए अल्लामा ने कि मुलायम को मुस्लिम वोटों से कोई हमदर्दी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुलायम ने मुसलमानों के लिए कोई खास काम नहीं किया। अल्लामा ने अपील की है कि मुस्लिम बसपा को वोट करें। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए बसपा का समर्थन किया गया है।

बुखारी ने कहा था...

इससे पहले यूपी विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान से ठीक पहले दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी ने बहुजन समाज पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया था। अहमद बुखारी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन पर वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया था।

पिछले विधानसभा चुनाव में इमाम अहमद बुखारी समाजवादी पार्टी के साथ थे, लेकिन इस बार उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के साथ जाने का ऐलान किया है।

यह बात दीगर है कि प्रदेश में करीब 20 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं, इसी आंकड़े को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने इस बार रिकॉर्ड 99 मुस्लिम उम्मीदवारों चुनाव मैदान में उतारा है। समाजवादी पार्टी में घमासान के दौरान ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुस्लिम वोटबैंक को अपने खाते में लाने की कवायद शुरू कर दी थी, जिसका असर भी नजर आने लगा है।

राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल ने बहुजन समाज पार्टी को समर्थन देने का ऐलान कर चुका बै। इसके बाद दिल्ली जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अहमद बुखारी ने मायावती की पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया था। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया था।

लेकिन बुखारी का हुआ विरोध

हालांकि बुखारी का विरोध करते हुए शनिवार को ही फैजाबाद स्थित अयोध्या से हाजी महबूब ने कहा कि धर्मगुरुओं का काम राजनीतिक में दखल देना नहीं है।

मौलाना बुखारी की से बसपा को वोट करने के फतवे पर हाजी ने हा कि मौलना बिक गए लेकिन मुस्लिम नहीं बिकेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को हराने के लिए मुस्लिम खुद अपना वोट करें। बता दें कि हाजी महबूब बाबरी मामले में वादी हैं।

ये भी पढ़ें: मजबूर पिता खा रहा है दर-दर ठोकरें, बच्चे कर रहे हैं मौत का इंतजार, पढ़िए इस गरीबी की दास्तान

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Muslim religious leaders appeal to muslims vote in favor of the political parties for uttar pradesh assembly election 2017
Please Wait while comments are loading...