कातिल खुद जाते थे घर, जताते थे शोक और करते थे न्याय के लिए प्रदर्शन

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इलाहाबाद। पूरे उत्तर प्रदेश में हड़कंप मचाने वाले जूड़ापुर गांव के फैमली मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। ये घटना क्रम भाजपा सरकार के यूपी में आते ही हुआ था और योगी सरकार व पुलिस के लिये बड़ा चैलेंज था। पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले एक स्कूल मास्टर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इन कातिलों ने ऐसा मास्टर प्लान तैयार किया था कि न उन पर पुलिस को शक था और न परिजनों को। कातिल खुद ही परिजनों को ढांढस बंधाते, शोक मनाते और कातिलों की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन करते। लेकिन अब जाकर वो गिरफ्त में आए हैं। जबकि पहले से ही पांच आरोपी जेल में हैं। परिजन अब इस घटनाक्रम में और परत खुलने का दावा कर रहे हैं।

कातिल खुद जाते थे घर, जताते थे शोक और करते थे न्याय के लिए प्रदर्शन

एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि घटनाक्रम का मास्टरमाइंड नीरज मौर्या था। उसी ने अपनी गर्लफ्रेंड को सबक सिखाने के लिए हत्या और दुष्कर्म का मास्टर प्लान तैयार किया था। प्रेम में धोखा खाए नीरज और उसके साथियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इन सब ने क्राइम ऑफ पैशन यानी जुनूनी अपराध किया है। इस मामले में नामजद व गिरफ्तार लोगों की रिहाई पर अदालत में निर्णय होगा। पुलिस अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी लेकिन जांच पूरी नहीं हुई है। जांच जारी रहेगी इसमें कुछ और परतें खुल सकती हैं।

क्या थी कत्ल की वजह?

पुलिस के मुताबिक नीरज मौर्या एक स्थानीय स्कूल में टीचर की नौकरी करता था। एक युवती से वो प्रेम करता था और उसके घर पर एक पारिवारिक सदस्य की तरह उसका आना-जाना था। कुछ महीने पहले युवती ने बीएलआर जन कल्याण ट्रस्ट में काम करना शुरू किया था। तब नीरज ने कई साथियों का पैसा लेकर युवती के जरिए ट्रस्ट में पैसा लगाया। कंपनी ने पैसा लगाने पर साइकिल मिलनी थी लेकिन नीरज को काफी दिनों तक साइकिल नहीं मिली। जिससे दोनों के बीच मनमुटाव होने लगा। इसी बीच कंपनी पूरा पैसा लेकर भाग गई। तब नीरज ने युवती से पैसे की मांग शुरू कर दी। इसी को लेकर इतना विवाद हुआ कि दोनों में जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। युवती ने नीरज को धमकी दी कि वो जो कर सकता है कर ले। युवती ने उससे अपनी नजदीकी भी खत्म कर दी। नीरज को ये बात नागवार गुजरी क्योंकि उसे पैसे के साथ प्यार में धोखा मिल रहा था। नीरज ने यहीं से तय किया कि वो युवती को सबक सिखाएगा।

कातिल खुद जाते थे घर, जताते थे शोक और करते थे न्याय के लिए प्रदर्शन

क्या हुआ था कत्ल की रात?

नीरज ने अपनी नाराजगी की बात जाहिर नहीं की और अपने घरेलू संबंध बनाए रखे। जिससे वो घर की सारी बाते जानता और वक्त जरूरत मदद भी करता। 22 अप्रैल को नीरज को युवती ने बताया कि उसका भाई रंजीत प्रतापगढ़ परीक्षा देने जा रहा है। वो घर पर नहीं रहेगा उसी वक्त नीरज का शातिर दिमाग चमक उठा। उसने दिमाग में प्लान बनाया और दोस्तों से संपर्क कर उसे मजा दिलाने के लिए राजी कर लिया। 23 अप्रैल की रात यानी कत्ल की रात नीरज के साथी मोहित के घर बारात आई थी। देर रात जब सभी व्यस्त थे तब चुपचाप नीरज अपने साथी मोहित, सत्येंद्र व प्रदीप के साथ प्लान के मुताबिक निकल पड़े।

सभी ने नशे के लिए भांग खाई और सुरूर चढ़ते ही रात 12 बजे सभी बाइक से सीएल कुशवाहा स्कूल पर पहुंचे। स्कूल पर बाइक खड़ी करने के बाद सभी चुपचाप युवती के घर पहुंचे। नीरज ने युवती के मोबाइल पर कॉल किया और बताया कि उसकी बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया है। वो घर के बाहर खड़ा है, युवती बिना किसी को जगाए ही दरवाजे पर आई और जैसे ही दरवाजा खुला उसने युवती को दबोच लिया। युवती का मुंह दबाकर चारों उसे घर के अंदर कमरे में उठा ले गए। कमरा बंद कर हैवानियत शुरू हुई तो चीख सुन आंगन में सो रहे माता-पिता और छोटी बहन की नींद खुल गई।

वो कमरे की ओर आवाज देते हुए आए तो वहशी हो चुके नीरज और उसके साथियों ने राक्षसी रूप धर लिया। युवती के माता-पिता को चाकू मारकर मूसल से तब तक मारते रहे जब तक कि उनकी सांसे नहीं थम गई। इस पर युवती और उसकी छोटी बहन हत्यारों से भिड़ गई। इसी बीच मोहित के पैर में चोट लग गई लेकिन नशे और हवस में अंधे युवकों ने उन्हें भी पीट-पीटकर अधमरा कर दिया और कपड़े फाड़ डाले। फिर दोनों बहनों से अपनी मनमानी करने के बाद दोनों ने उनकी भी हत्या कर दी। इसके बाद घटना को लूट जताने के लिए आलमारी तोड़कर सारा सामान बिखेर दिया गया।

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कातिल खुद जाते थे घर, जताते थे शोक और करते थे न्याय के लिए प्रदर्शन

दूसरे दिन से शुरू किया ड्रामा

एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि नीरज घर से ही दो चाकू ले गया था और अपने साथियों के साथ सामूहिक बलात्कार करने बाद युवती के गुप्तांग पर मूसल से वार कर जमकर हैवानियत की थी। यहां से सभी नीरज के घर गए, जहां कपड़े बदले गए। अगले दिन से ये सुबह मृतका के घर आए रोते-बिलखते। शोक मनाने लगे और कातिलों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।

आखिर नीरज को क्यों छोड़ा?

पुलिस ने जिस नीरज को मास्टरमाइंड बताया है उसे पहले भी हिरासत में लिया गया था। तब क्राइम ब्रांच की टीम ने कड़ाई से पूछताछ की थी। फिर अचानक से उसके सिर पर चोट लग गई और उसे छोड़ दिया। तब लोगों ने कहा था कि नीरज को पैसे लेकर छोड़ा गया। लेकिन अब उसी नीरज को फिर से पकड़ा गया और जेल भेजा गया। सवाल उठ रहा है कि आखिर नीरज को क्यों छोड़ दिया गया था। वहीं इस मामले में शिवबाबू यादव, भल्लू यादव, नरेंद्र यादव, अजय यादव और नवीन के खिलाफ एफआइआर दर्ज होने पर इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इनका नार्को टेस्ट भी हुआ है। मामले में इस परिवार के जिंदा बचे भाई-बहन ने कहा कि वो अभी संतुष्ट नहीं हैं। इस घटना में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।

वकीलों ने पीटा

गिरफ्तार आरोपियों को कचहरी में पेशी पर लाया गया था। तब वकीलों ने घेर कर लात-घूंसों से उनकी पिटाई कर दी। तब तक कर्नलगंज पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपियों को किसी तरह बाहर निकाला गया। इसके बाद वैन से सभी को नैनी जेल ले जाया गया। एसएसपी ने कहा है कि अभियुक्तों को सजा दिलाने के लिए पुलिस कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। इसके लिए वैज्ञानिक और दूसरे साक्ष्य पूरी मजबूती से कोर्ट में दाखिल होंगे।

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English summary
Murder Protest for his own Crime and condolence the victim
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