लखनऊ से टिकट मिलते ही भाजपा पर बरसीं मुलायम की छोटी बहू

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लखनऊसमाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव ने कहा है कि प्रदेश की जनता सांप्रदायिक ताकतों का साथ नहीं देगी। लखनऊ कैंट से सपा की उम्मीदवार, अपर्णा ने मंगलवार (24 जनवरी) को पत्रकारों से बपात करते हुए कहा सपा और कांग्रेस के गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कई ऐसे दल हैं जो सांप्रदायिकता को बढ़ावा देते हैं, लेकिन हम धर्मनिरपेक्षता में यकीन करते हैं और हम इस गठबंधन के जरिए इन्हें रोकेंगे।

मुलायम की छोटी बहू ने कहा- सांप्रदायिक ताकतों का साथ नहीं देगी यूपी की जनता

मुलायम के दूसरे नंबरे के बेटे प्रतीक की पत्नी अपर्णा ने कहा कि प्रदेश के चुनावों ने हमेशा से आम चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस और सपा के गठबंधन की सरकार बनेगी। बता दें कि अपर्णा, भारतीय जनता पार्टी से उम्मीदवार रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। गौरतलब है कि पारिवारिक विवाद के चलते समाजवादी पार्टी ने अपर्णा का टिकट रोक रखा था। हालांकि तीसरी सूची में अपर्णा का नाम सामने आया। इससे पहले बीते साल जारी की गई अखिलेश की सूची में अपर्णा का नाम नहीं था।
अपर्णा यादव की उम्मीदवारी की चर्चा लखनऊ कैंट से साल भर पहले से ही थी। 28 दिसंबर को सामने आई सपा की लिस्ट में उनका नाम शामिल था, लेकिन अखिलेश यादव ने जारी की गई अपनी लिस्ट से उन्हें हटा दिया। इसके पीछे जो वजहें सामने आ रही हैं उसमें बड़ी वजह उनका शिवपाल गुट का करीबी होना माना जा रहा है। इसके साथ-साथ अपर्णा यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना यादव के बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं। ऐसी खबरें आई थी कि अखिलेश यादव और साधना यादव के बीच टकराव के चलते समाजवादी पार्टी में कहीं न कहीं झगड़ा बढ़ा। इसके साथ-साथ हाल ही में जब अखिलेश यादव और शिवपाल यादव में पहली बार झगड़ा बढ़ा था तो उस समय ऐसी खबरें आई की पार्टी की ओर से अपर्णा यादव को मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट करने की बात कही गई थी।
माना जा रहा था कि अखिलेश यादव ने इन्हीं वजहों से उनका टिकट काटा होगा। मैनचेस्टर विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशट अपर्णा प्रशिक्षित शास्त्रीय गायक हैं। उन्होंने सैफई महोत्सव और लखनऊ मोहत्सव के दौरान अपने हुनर का परिचय दिया है। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने सपा के लिए कई जगह गीत भी गाए थे। अपर्णा अपने बयानों को लेकर भी खासी चर्चा में रही हैं। बता दें कि 11 फरवरी से 8 मार्च तक में उत्तर प्रदेश में 7 चरणों में चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। ये भी पढ़ें: यूपी विधानसभा चुनाव 2017: युवा तय करेंगे प्रदेश का भविष्य, इस बार कौन बनेगा यूथ आइकॉन?

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English summary
Mulayam singh yadav's daughter-in-law aparna yadav said UP will never vote for 'communal forces'
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