अब जेल से मोबाइल नहीं चला पाएंगे मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद

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मिर्जापुर। जेलों से गिरोह का संचालन करने वाले माफियाओं के लिए बुरी खबर है। जेलों में बिजली कटने के बाद माफिया जैमर बंद होने का लाभ उठा कर मोबाइल से संपर्क साधते थे पर शासन ने इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश की चुनिंदा 17 जेलों में सोलर पावर बैकअप के लिए लगभग 11 करोड़ की धनराशि मंजूर की है। इसमें बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की जेल बांदा, बाहुबली अतीक अहमद की देवरिया और मुन्ना बजरंगी की जेल झांसी भी शामिल हैं। खास यह भी कि तीन साल पहले ही इसका प्रस्ताव दिया गया था लेकिन शासन स्तर पर लंबित था। योगी सरकार ने पूरी धनराशि एकमुश्त स्वीकृत की है और जल्द से जल्द काम करने के आदेश दिये हैं।

अब जेल से मोबाइल नहीं चला पाएंगे मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद

इन जेलों में सोलर पैनल का धन हुआ है मंजूर

शासन ने जिला कारागार प्रतापगढ़, गोरखपुर, एटा, पीलीभीत, मैनपुरी, आजमगढ़, बलिया, लखनऊ, बरेली, फिरोजाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, गाजियाबाद और केन्द्रीय कारागार नैनी में सोलर पैनल लगाने की खातिर धन की मंजूरी दी है। जैमरों की संख्या के मुताबिक ढाई से चार किलोवाट क्षमता वाले सोलर पैनल लगाये जाने हैं। काम की जिम्मेदारी भारत सरकार के उपक्रम पीईसी लिमिटेड को सौंपी गयी है जबकि उपकरणों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी महानिदेशक कारागार की रहेगी। धन स्वीकृत करने के साथ स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि 30 सिंतबर से पहले काम को पूरा कराना आवश्यक है।

जेल में अपराधियों की शिफ्टिंग को लेकर चल रहा विवाद

प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी से लेकर अन्य भाजपा नेताओं ने जेलों से समानांतर सरकार चलाने के आरोप लगाये थे। सूबे में सरकार बनने के बाद कुख्यात अपराधियों की दूसरी जेलों में शिफ्टिंग की गयी थी लेकिनबाद में सुप्रीमकोर्ट के दखल के बाद मुन्ना बजरंगी और सुभाष ठाकुर को दोबारा उनकी जेल में भेजना पड़ा। जेल से कोई खेल न हो इसे ध्यान में रखते हुए जैमर को लगातार चालू रखने की खातिर सोलर पैनल लगाने का धन मंजूर किया गया है।

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English summary
mobile Jammer will run in up jail even after power cut
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