मथुरा जिले की सभी सीटों पर बसपा ने उतारे उम्मीदवार, जानिए उनकी खूबियां-खामियां

बसपा ने मथुरा की पांच विधानसभा सीटों के लिए अपने प्रत्याशी घोषित कर दिये हैं। बसपा ने इस बार प्रेम चंद्र कर्दम और उद्योगपति मनोज पाठक के रूप में दो नए प्रत्याशियों को चुनाव में उतारा है।

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मथुरा। बसपा ने मथुरा की पांच विधानसभा सीटों के लिए अपने प्रत्याशी घोषित कर दिये हैं। बसपा ने बलदेव विधानसभा सीट से प्रेम चंद्र कर्दम के रूप में नए प्रत्याशी को चुनाव में उतारा हैं। वहीं, दल बदलू का ठप्पा लेने वाले विधायक श्याम सुंदर शर्मा पर बसपा ने एक बार फिर दांव खेला है। बसपा ने छाता विधानसभा क्षेत्र से इस बार एक और नए चेहरे के रूप में उद्योगपति मनोज पाठक को चुनावी दंगल में दिया है। ये भी पढ़ें: यूपी विधानसभा चुनाव 2017: सत्ता की सवारी के लिए में बीएसपी ने इन दागियों को बैठाया हाथी पर

मथुरा वृंदावन विधानसभा- योगेश द्विवेदी

मथुरा वृंदावन विधानसभा से बसपा द्वारा योगेश द्विवेदी को चुनाव मैदान में उतारा गया है। बता दें कि योगेश बसपा से 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं, 2012 में वृंदावन नगरपालिका का चुनाव भी लड़ चुके हैं, लेकिन अब तक इन्हें जीत हासिल नहीं हो सकी हैं

खूबियां: योगेश को राजनीति विरासत से मिली है और उनकी मां नगरपालिका अध्यक्ष रह चुकी हैं।

कमियां: जातीय समीकरण इनके पक्ष में नहीं हैं।

 

मांट विधानसभा- श्याम सुन्दर शर्मा

बसपा ने एक बार फिर मांट के मौजूदा विधायक श्याम सुन्दर शर्मा पर दांव खेला है। श्याम सुन्दर शर्मा उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। शर्मा अब तक 7 बार विधायकी का चुनाव जीत चुके हैं। बताया गया कि वे कई पार्टियां भी बदल चुके हैं। कांग्रेस, तिवारी कांग्रेस, लोक तांत्रिक कांग्रेस, बसपा और वर्तमान में टीएमसी से चुनाव जीते थे। वे एक बार फिर बसपा की टिकट से चुनाव मैदान में हैं।

खूबियां: 7 बार विधायक रह चुके हैं। 3 बार मंत्री रह चुके हैं। राजनीति का बड़ा गहरा अनुभव।

कमियां: दल बदलू का ठप्पा , जातीय वोटों का आभाव।

गोवर्धन विधानसभा- राजकुमार रावत

राजकुमार रावत गोवर्धन विधानसभा सीट से बसपा के मौजूदा विधायक हैं। बसपा ने एक बार फिर से रावत को इस सीट से खड़ा किया है। राजकुमार रावत 1990 में छात्र राजनीति में सक्रिय हुए। छात्र संगठन स्टूडेंट यूनियन के विभिन्न पदों पर आसीन हुए और छात्रों में लोकप्रियता बढ़ने की वजह से 1993 में प्रदेश महासचिव बनाये गए।

खूबियां: पार्टी में गहरी पकड़, मौजूदा सीट से दो बार विधायक बने और बेदाग छवि।

कमियां: रावत से वोटर खासा नाराज हैं।

 

बलदेव विधानसभा (सुरक्षित सीट ) - प्रेम चंद्र कर्दम

बसपा ने इस बार विधायकी चुनाव में बलदेव विधानसभा से प्रेम चंद्र कर्दम को उतारा है। प्रेम चंद्र कर्दम पहली बार चुनाव मैदान में उतरे हैं। लेकिन कर्दम पार्टी के ज़िलाध्यक्ष भी रह चुके हैं।

खूबियां: युवा सोच, जातीय वोटों पर पकड़।

कमियां:
पहला चुनाव , राजनीतिक अनुभव का आभाव।

 

छाता विधानसभा- मनोज पाठक

छाता विधानसभा क्षेत्र से इस बार नए चेहरे के रूप में पार्टी ने उद्योगपति मनोज पाठक को चुनावी मैदान में उतारा है।

खूबियां: युवा सोच,बेदाग छवि।

कमियां: अनुभवहीनता, वोटरों पर पकड़ नहीं। ये भी पढ़ें: नरैनी सीट: इस बार BSP का मजबूत किला आखिर क्यों हुआ कमजोर?

 

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English summary
mathura bsp candidate were selected for six constituency in uttar pradesh.
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