संदिग्ध स्थिति में गंगा में डूबी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की पत्नी की मौत

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राजेंद्र पैसिया की पत्नी की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। पत्नी के गंगा में डूबने के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के शोर मचाने पर गेस्ट हाउस के गार्ड मौके पर पहुंच गए।

Subscribe to Oneindia Hindi

मिर्जापुर। स्नान के बाद शिवपुर स्थित बिड़ला घाट पर दीपक दिखाते समय संदिग्ध स्थिति में सीढ़ी से गिर जाने से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/आईएएस राजेंद्र पैसिया की पत्नी की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। पत्नी के गंगा में डूबने के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के शोर मचाने पर गेस्ट हाउस के गार्ड मौके पर पहुंच गए, पर वे मदद नहीं कर सके। इसकी जानकारी होते ही जिले के आला अफसर मौके पर पहुंच गए। स्थानीय गोताखोरों की मदद से रामगया घाट से शव बरामद कर लिया गया। जिले में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात राजेंद्र पैसिया की दो दिन पूर्व शादी की वर्षगांठ थी। उन्होंने अपने पैतृक आवास से पत्नी सुनीता (32) और भाई को परिवार समेत बुला लिया था। रविवार की शाम पांच बजे पैसिया पत्नी व भाई के परिवार के लोगों को साथ लेकर शाम पांच बजे के करीब शिवपुर स्थित बिड़ला गेस्ट हाउस पहुंच गए।

संदिग्ध स्थिति में गंगा में डूबी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की पत्नी की मौत
 ये भी पढ़ें- यूपी विधानसभा चुनाव 2017: क्या रंग लाएगा सपा-कांग्रेस का दोस्ताना?

सभी गंगा स्नान करने के बाद गेस्ट हाउस लौट आए। कुछ देर बाद पैसिया अपनी पत्नी को साथ लेकर घाट की तरफ दीपक दिखाने चले गए। घाट पर अंधेरा होने के कारण गेस्ट हाउस के गार्ड ने जाने से रोका पर दोनों उसकी बातों को नजरंदाज कर घाट पर चले गए। लगभग दस मिनट बाद पैसिया पत्नी के गंगा में गिरने को लेकर शोर मचाने लगे। उनकी आवाज सुनकर परिवार के सदस्यों के साथ ही गेस्ट हाउस के गार्ड व कर्मचारी भी पहुंच गए, पर घाट के पास काफी गहरा होने के कारण कोई पानी में उतर कर पैसिया की पत्नी को खोजने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। तब तक किसी ने इसकी सूचना पुलिस के साथ ही प्रशासनिक अफसरों को दे दी। मामले की जानकारी होते ही कमिश्नर रंजन कुमार, डीआईजी रतन कुमार, डीएम कंचन वर्मा, एसपी कलानिधि नैथानी व एडीएम विजयाहादुर मौके पर पहुंच गए। स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव को रामगया घाट से बरामद कर लिया गया।

संदिग्ध स्थिति में गंगा में डूबी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की पत्नी की मौत.
 ये भी पढ़ें- सपा विधायक का आतंक, बीजेपी प्रत्याशी को वोट देने पर मारने की धमकी

आखिर पत्नी को बचाने के लिए आगे क्यों नहीं बढ़े मजिस्ट्रेट?
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राजेंद्र पैसिया की पत्नी के गंगा में डूब कर मौत होने का मामला लोगों के गले आसानी से नहीं उतर रहा है। जब गार्ड पति-पत्नी को घाट की तरफ जाने से मना कर रहा था तो फिर दोनों घाट की तरफ क्यों चले गए। यहीं नहीं, यदि किसी की पत्नी या बच्चा गहरे पानी में गिरता है तो मौके पर मौजूद लोग भी तत्काल पानी में छलांग लगा दिया करते हैं। पर इस घटना में यह बात सुनने को भी नहीं मिली। इसको लेकर लोग तरह-तरह के सवाल कर रहे हैं। फिलहाल इस मामले की असलियत तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा। मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने के लिए अक्सर लोग विंध्यधाम के होटलों का चयन करते हैं। यदि किसी ने शक्तिपीठ गेस्ट हाउस का चयन भी किया तो वह स्नान के लिए विंध्याचल के गंगा घाटों का इस्तेमाल करते हैं, पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राजेंद्र पैसिया दो दिन पूर्व शादी की वर्षगांठ पर पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों को घर से बुलाने के बाद रविवार की शाम पांच बजे के करीब सभी को लेकर शिवपुर स्थित शक्तिपीठ बिड़ला गेस्ट हाउस पहुंच गए। गेस्ट हाउस के पास ही बिड़ला ने स्नान के लिए घाट का भी निर्माण कराया है। घाट पर सीढ़ी बनी हुई है। इस घाट का स्नान करने के लिए केवल गेस्ट हाउस में ठहरने वाले लोग ही उपयोग करते हैं। सीढ़ी पर फिसलन की बात भी लोगों की समझ से परे है। जब स्नान करने वालों की संख्या सीमित है तो सीढ़ी पर कीचड़ हो ही नहीं सकता। वैसे भी जिस किसी व्यक्ति के साथ ऐसा हादसा होता है तो वह सबसे पहले खुद गंगा में छलांग लगा देता है। जब गार्ड रोक रहा था तो ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को उधर जाना ही नहीं चाहिए था।

चंद मिनट में ही घाट पर पहुंच गए अफसर
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की पत्नी के गंगा में डूबने की खबर मिलते ही जिले के आला अफसर चंद मिनटों में अलास्का लाइट और गोताखोरों को साथ लेकर मौके पर पहुंच गए। वहीं किसी सामान्य व्यक्ति के गंगा में डूबने की खबर के घंटों बाद भी इलाके का थानेदार तक मौके पर नहीं पहुंचता है। अफसरों की यह तेजी जिले के लोगों को काफी अखर रही है। उन्हें यह बात समझ में नहीं आ रही है कि ऐसा क्या हो गया कि घटना के चंद मिनट बाद ही जिले ही नहीं बल्कि मण्डल स्तर के अफसर मौके पर पहुंच गए। दो दिन पूर्व जवाहर नवोदय विद्यालय के 160 बच्चों के बीमार होने की खबर मिलने के बावजूद जिला प्रशासन को मौके पर पहुंचने में 24 घंटे लग गया। मण्डल स्तर का कोई अधिकारी पटेहरा स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय झांकने तक नहीं गया।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
joint magistrate rajendra paisia wife died in ganga
Please Wait while comments are loading...