एक मां ने नवजात को 40 फुट गहरे कुंए में फेंका, दूसरी ने अपनाया

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बुलंदशहर। बेटियां चांद तक पहुंच गई हैं, लेकिन बेटियों को आज भी बोझ समझा जाता हैं। ताजा मामला बुलंदशहर का हैं। यहां एक पत्थर दिल मां ने अपनी 1 दिन की नवजात बच्ची को बैग में बंद करके 40 फुट गहरे कुंए में फेंक दिया। लोगों ने मासूम की रोने की आवाज सुनी और कुंए से मासूम को बाहर निकाला।

कुंए से आ रही थी रोने की आवाजें

कुंए से आ रही थी रोने की आवाजें

मामला बुलंदशहर के अरनियां थाना क्षेत्र के रुकनपुर गांव का हैं। गांव रुकनपुर में एक युवक का मोबाइल फोन बंदर उठाकर ले गया था। युवक आपना मोबाइल फोन को तलाश करते हुए एक कुएं के पास पहुंचा जहां से उसे किसी बच्चे की रोने की आवाज आ रही थी। रोने की अवाज सुनकर युवक ने गांव के लोगो को जानकारी दी। जानकारी मिलने पर कुछ बच्चे 40 फुट गहरे सुखे कुंए में उतरे। लोगों ने देखा कि रोने की अवाज एक बैग से आ रही हैं।

डाक्टर ने बच्ची को स्वस्थ बताया

डाक्टर ने बच्ची को स्वस्थ बताया

बैग खोलकर देखने पर लोग दंग रह गए। बैग के अंदर 1 दिन की मासूम बच्ची थी, जो रो रही थी। मासूम को कुएं से बाहर निकालने के बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मासूम बच्ची को अरनियां के मुनि स्वास्थय केन्द में भर्ती कराया। जहां डाक्टरों ने बच्ची को स्वस्थ बताया। डाक्टरों ने बच्ची को पैदा होने के बाद लगने वाले टीके भी बच्ची को लगाए है।

निःसंतान दंपत्ति ने लिया गोद

निःसंतान दंपत्ति ने लिया गोद

बता दें कि एक दिन की नवजात मासूम लडकी को उसके मां-बाप ने पैदा होने के बाद कुए में मरने के लिए फैक दिया था। मगर कुदरत को तो कुछ और ही मंजुर था, कुदरत ने बच्ची को जिंदा बचा लिया। बच्ची एक बैग के अन्दर 1 दिन तक भूखी प्यासी 40 फुट गहरे सूखे कुए में पडी रही। फिल्हाल मासूम बच्ची को निःसंतान दंपत्ति ने गोद ले लिया हैं। एसएसपी मुनिराज ने बताया कि बच्ची सकुशल है प्रशासन बच्ची के स्वास्थ व परवरिश की निगाहबन्दी करता रहेगा।

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English summary
In Bulandshahr, a mother threw her 1 day old baby girl in a 40 feet deep well
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