सपा के दिग्गज नेता को उनके घर में घेरने के लिए भाजपा ने लिया बसपा का सहारा

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हरदोई। उत्तर प्रदेश विधानसभा की टिकट बंटते ही किसी के चेहरे खिल उठे है, तो किसी के चेहरे की रंगत ही उतर गई। उत्तर प्रदेश का हरदोई जिला अपने आप में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। क्योंकि यहां के एक रसूखदार नेता नरेश अग्रवाल हैं और लोग इनको हरदोई का लाल नरेश अग्रवाल के नाम से भी पुकारते हैं। ऐसे में इस बार नरेश का जादू हरदोई वालों पर किस कदर चलेगा, जब मैदान में सदर सीट से उनके बेटे नितिन अग्रवाल मैदान में होंगे। नितिन अग्रवाल की राजनीतिक शुरुआत पिता द्वारा विरासत में मिली। जब 2008 में नरेश अग्रवाल ने इस्तीफा दिया था और अपने बेटे नितिन अग्रवाल को विधायक बनाया था। वहीं 2012 में समाजवादी पार्टी का दामन थाम हरदोई सदर सीट पर विजय पताका लहराया था। अपने प्रतिद्वंदी राजा बक्श को भारी मतों से हराया था जिसके चलते पार्टी ने इनको स्वास्थ्य मंत्री का दर्जा दिया था। उसके बाद फिर स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री बने। ये भी पढ़ें: यूपी विधानसभा चुनाव 2017: अखिलेश की रैली से दूर रहे कांग्रेसी, क्या गठबंधन के बाद भी नहीं बनी बात

भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गए राजा बक्स

भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गए राजा बक्स

बता दें कि सन 2000 में राजा बक्स सिंह की भी राजनीतिक शुरुआत हुई थी। उन्होंने सबसे पहले जिला पंचायत सदस्य टडियावा से जीत हासिल की और फिर बीएसपी का दामन थाम लिया और पार्टी ने इनकी ईमानदारी और कर्मठता को देखते हुए 2012 में समाजवादी पार्टी के विरुद्ध बसपा से टिकट दिया और चुनावी मैदान में उतारा। बता दें कि उनके विरुद्ध राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल चुनाव में लड़ रहे थे, जिसमें नितिन अग्रवाल की जीत हुई और बीएसपी की हार हुई। वहीं, इन चुनाव में राजा बक्स सिंह को 68000 वोट मिले थे। लेकिन वे हार के बाद भी पार्टी के लिए काम करते रहे।

राजा बक्स बीएसपी छोड़कर हुआ भाजपा मेंं शामिल

राजा बक्स बीएसपी छोड़कर हुआ भाजपा मेंं शामिल

वहीं, यूपी विधानसभा चुनाव 2017 का जब शंखनाद होते ही राजा बक्स को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। लेकिन इस पर राजा बक्स सिंह का कहना है कि बसपा सुप्रीमो मायावती को पैसा नहीं दिये जाने के चलते उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया। लेकिन, राजा ने बीएसपी पार्टी को छोड़ भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया और सदर सीट से बीजेपी के लिए ताल ठोक दी। लेकिन ऐसे में ये देखना होगा कि जीत राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल के बेटे की होती है या मोदी का जादू फिर से सिर चढ़ कर बोलेगा।

नितिन अग्रवाल और राजाबक्स फिर होंगे आमने-सामने

नितिन अग्रवाल और राजाबक्स फिर होंगे आमने-सामने

समाजवादी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल के खिलाफ भाजपा ने बसपा से निष्काषित नेता राजा बक्श सिंह को उम्मीदवार घोषित किया है। राजनीतिक रणनीतिकारों के मुताबिक़ भाजपा ने समाजवादी पार्टी नेता नरेश अग्रवाल और उनके पुत्र की राजनीतिक घेराबंदी के लिए पिछला चुनाव बसपा से लड़े राजा को अपना उम्मीदवार घोषित करके सबको चौंका दिया है। राजा बक्श सिंह को कुछ समय पूर्व बसपा ने निष्काषित कर दिया था। उसके बाद वो भाजपा में शामिल हो गए। हरदोई सदर से नरेश के बेटे के खिलाफ भाजपा का टिकट मिलने पर भाजापा कार्यलाय के बाहर राजा बक्श सिंह के समर्थकों ने अनार और पटाखे चलाकर अपनी ख़ुशी का इजहार किया।

भाजपा ने सपा के खिलाफ खोला मोर्चा

भाजपा ने सपा के खिलाफ खोला मोर्चा

वहीं, दरअसल, इस सीट से समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल के बेटे और प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल के खिलाफ भाजपा ने बसपा से निष्काषित राजा बक्श सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। राजनीतिक रणनीतिकारों के मुताबिक़ पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे राजा बक्श सिंह को भाजपा ने समाजवादी पार्टी नेता नरेश अग्रवाल को उनके घर में घेरने और कड़ी चुनौती देने के लिए उम्मीदवार बनाया है। नरेश को घर में घेरने की रणनीति के सफल होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखे चलाकर अपनी ख़ुशी का इजहार किया। ये भी पढे़ं: अखिलेश ने निपटाए मुलायम के अब तक 93

 
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English summary
hardoi sp nitin aggarwal and bsp raja baks candidate for up election in uttar pradesh.
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