चुनाव आयोग में साइकिल के लिए मुलायम-अखिलेश के वकीलों ने रखा अपना पक्ष

अखिलेश यादव पार्टी पर कमान, अमर सिंह की बर्खास्तगी समेत तमाम मांगों पर अडिग हैं, उसे देखते हुए मुमकिन है कि सपा के भीतर सुलह की संभावनाएं पूरी तरह से खत्म हो चुकी हैं।

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नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच मची आपसी कलह के बीच दोनों ही गुट के लोग साइकिल चुनाव चिन्‍ह पर अपनी-अपनी दावेदारी को लेकर चुनाव आयोग पहुंच चुके हैं। अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव दोनों के वकील इस समय भारतीय चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष रखा। चुनाव आयोग लंच के बाद 3 बजे फिर से सुनवाई शुरु कर सकता है। वरिष्ठ वकील मोहन परासरन, एन हरिहरन और एम सी ढींगरा चुनाव आयोग में मुलायम सिंह यादव का पक्ष रखा। आयोग ने 9 जनवरी को सपा के दोनों गुटों से मुलाकात कर उनका पक्ष सुना था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुलायम सिंह यादव साइकिल चुनाव चिन्ह पर दावा छोड़ने को तैयार नहीं हैं, तो वहीं अखिलेश यादव का खेमा भी पीछे नहीं हट रहा है।

akhilesh yadav, mulayam singh yadav अखिलेश और मुलायम में से किसे मिलेगी साइकिल, आज फैसला

खबरों के मुताबिक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, बागी तेवर अपनाते हुए अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा भी कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार अखिलेश का पूरा कैंपेन तैयार है। उन्हें इंतजार है तो सिर्फ चुनाव आयोग के फैसले का। हालांकि विवाद सुलझाने के लिए पिता-पुत्र के बीच कई चरणों की मुलाकात हो चुकी है लेकिन हर बैठक बेनतीजा साबित हुई। मुलायम सिहं ने अखिलेश यादव को चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री का दावेदार बताकर कुछ हद तक झुकने के संकेत दिए लेकिन जिस तरह से अखिलेश यादव पार्टी पर कमान, अमर सिंह की बर्खास्तगी समेत तमाम मांगों पर अडिग हैं, उसे देखते हुए लग रहा है कि पार्टी के भीतर सुलह की संभावनाएं पूरी तरह से खत्म हो चुकी हैं।

पार्टी तोड़ना चाहते हैं रामगोपाल: मुलायम

विवाद अगर नहीं सुलझा तो चुनाव आयोग साइकिल निशान को जब्त भी कर सकता है। दो दिन पूर्व ही मुलायम सिंह यादव ने आरोप लगाया था कि रामगोपाल यादव अलग पार्टी बनाना चाहते हैं और वह नया चुनाव चिन्ह मोटरसाइकिल चाहते हैं। मुलायम सिंह यादव ने कहा कि हम पार्टी को नहीं तोड़ना चाहते हैं और ना ही दूसरी पार्टी बनाना चाहते हैं। सपा में किसी भी तरह का बंटवारा नहीं होगा और ना ही चुनाव चिन्ह बदलेगा। वहीं रामगोपाल यादव ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी अखिलेश की है और वह अलग पार्टी की मांग नहीं कर रहे हैं। ये भी पढ़ें- अखिलेश ने प्लान की प्रचार की तस्वीर, मुलायम देंगे साथ

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English summary
election commission decides today over dispute at bicycle between akhilesh and mulayam singh yadav.
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