यूपी की बेटी का दर्द, शादी की रात क्यों नहीं आई बारात?, सुनिए

राजपाल का अरमान हर पिता की तरह ही था कि उसकी बेटी अपने से बड़े घर में जाए और उसे दुनिया कि हर खुशी नसीब हो। जिसके लिए राजपाल ने अपनी हैसियत से ज्यादा अपनी बेटी की शादी के लिए खर्च करने का मन बनाया।

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मथुरा: दहेज का दानव आज भी हमारे समाज में नासूर बनकर बैठा है। यहां आए दिन दहेज हत्या के मामले सामने आते हैं लेकिन आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं एक ऐसे दहेज लोभी को, जिसने अचानक ही 3,50,000 रुपयों की मांग कर डाली और दहेज न मिलने पर लालची दूल्हा बारात लेकर ही नहीं पहुंचा। बेटी का पिता शादी की सभी तैयारी कर बारात के स्वागत का इंतजार ही करता रह गया।

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एक पिता के अरमान पर फेरा पानी

बेटी की शादी हर पिता का अरमान होता है लेकिन ठीक शादी वाले दिन बेटी की ससुराल वाले शादी से इंकार कर दें और उसका कारण सिर्फ दहेज हो तो फिर उस पिता के दिल पर क्या गुजरेगी? आप सोच भी नही सकते हैं! ऐसा ही हुआ भगवान कृष्णा की नगरी मथुरा में जहां थाना रिफाइनरी इलाके में रहने वाले राजपाल ने अपनी बेटी की शादी अगनपुरा गांव में मनोज से तय की थी।

मां-बाप दोनों का प्यार दिया जिस पिता ने, उसके टूटे अरमान

राजपाल का अरमान हर पिता की तरह ही था कि उसकी बेटी अपने से बड़े घर में जाए और उसे दुनिया कि हर खुशी नसीब हो। जिसके लिए राजपाल ने अपनी हैसियत से ज्यादा अपनी बेटी की शादी के लिए खर्च करने का मन बनाया। राजपाल बेहद ही गरीब और बकरी चराकर अपने परिवार का खर्च चला रहा है। उसका सपना था की अपनी बेटी ऊषा का विवाह वो बड़ी धूम-धाम से करे क्योंकि ऊषा की मां की मृत्य ऊषा के बचपन में ही हो गई थी।

फोन की एक घंटी ने कर दिया सब तबाह

राजपाल ने ऊषा को मां और बाप दोनों का प्यार दिया। राजपाल ने अपनी लाडली बेटी की शादी के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। यहां तक कि राजपाल ने मनोज के पिता से शादी में 6 लाख रुपए खर्च करने का दावा भी कर दिया। सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन 4 फरवरी को राजपाल अपने रिश्तेदारों के साथ मनोज के घर सगाई का शगुन लेकर पहुंचा। तय हुए सारे सामान के साथ 1 लाख 51 हजार नगद देकर सगाई की रकम भी दे आया। इसके बाद राजपाल घर आकर अपनी बेटी की शादी में जुट गया। उसके दरवाजे पर खुशी का दिन आने ही वाला था कि एक फोन की घंटी बजी और सब कुछ तबाह हो गया। सारी खुशियां गम में बदल गई। ये फोन मनोज के पिता का था और इन लोगों ने दहेज की मांग एक दम से बढ़ा कर साढ़े तीन लाख कर दी।

शादी की सभी तैयरियां हो चुकी थी पूरी

ऐसे में जब राजपाल शादी की सभी तैयारियां पूरी कर चुका था। उसके लिए यह किसे धक्के से कम नहीं था। राजपाल ने इसके बाद मनोज और उनके पिता के काफी हाथ-पैर जोड़े लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद राजपाल थक हारकर मदद के लिए मथुरा के एसएसपी के पास गुहार लगाने पहुंचा। लेकिन यहां भी इसकी किसी ने नहीं सुनी। राजपाल को रिफायनरी थाने भेज दिया गया जहां भी उसे फटकार ही मिली। अब थक हारकर ये मजबूर पिता करे तो करे क्या?

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English summary
Dowry again become hurdle for marriage. After certain planning of procession did not exist
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