इलाहाबाद में भूख से दलित की मौत, पत्नी लड़ रही जिंदगी की जंग

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इलाहाबादउत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में 38 वर्षीय दलित धर्मेंद्र की मौत भूख से हो गई।

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जांच के दौरान उसके घर में अनाज का एक दाना नहीं मिला और उसकी पत्नी उषा देवी भी भूख से तड़प रही थीं।

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जिला प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों और राशन बांटने वाले शख्स के खिलाफ कार्रवाई की करने का आदेश दिए हैं।

धर्मेंद्र की मौत के बाद सोरांव तहसील अंतर्गत धरौता गांव में तहसीलदार रामकुमार वर्मा घर की जांच करने के लिए पहुंचे।

दिए 1000 रुपए

उन्होंने रिपोर्ट दी कि घर में एक दाना खाना नहीं था। उन्होंने अपने पास से अंतिम संस्कार के लिए 1000 रुपए भी दिए।

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धर्मेंद्र की पत्नी उषा देवी के अनुसार कई दिनों से खाना नहीं मिला। एसडीएम बृजेंद्र द्विवेदी ने कहा कि धर्मेंद्र की मौत बीमारी से हुई या भूख से इसकी जांच हो रही है।

बताया गया इस परिवार को किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला था। इतना ही नहीं परिवार का राशन कर्ड तक नहीं बना था।

पत्नी और मां दोनों दिव्यांग

धर्मेंद्र की पत्नी उषा और मां सपना दोनों दिव्यांग है। करीब 1 साल से तबीयत खराब होने के कारण उसे कोई काम नहीं मिला तो घर में खाने की कमी हो गई।

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कई दिनों तक घर में खाना गांववालों की मदद से बना। इन सबसे परेशान होकर धर्मेंद्र की मां सपना देवी ने घर छोड़ दिया और भीख मांग कर पेट भरने लगीं।

धर्मेंद्र के पिता भुल्लु का पहले ही देहांत हो चुका है।

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English summary
Dalit Man Dies Of Hunger In Uttar pradesh
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