मिर्जापुर: 16 साल पहले एक लड़की का रास्ता रोकना पड़ा तीन लोगों को भारी, अदालत ने सुनाई अनोखी सजा

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मिर्जापुर। अब तक आपने आजीवन, पांच साल, दस साल, अर्थदंड आदि कई तरह की सजा के बारे में सुना होगा। पर अदालत चलने तक खड़े रहने की सजा के बारे में शायद ही सुना हो। मिर्जापुर की अदालत में जुडिशियल मजिस्ट्रेट ज्योत्सना यादव ने छेड़खानी के तीन आरोपियों को ऐसी ही सजा दी है। न्यायालय उठने तक की सजा के साथ ही 12-12 सौ रुपए के जुर्माने से भी दंडित किया।

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मिर्जापुर: 16 साल पहले एक लड़की का रास्ता रोकना पड़ा तीन लोगों को भारी, अदालत ने सुनाई अनोखी सजा

जानिए क्या था पूरा मामला?

मड़िहान थाना क्षेत्र के हरिहरा गांव निवासी रमेश, पंधारी और शिवशंकर पर आरोप है कि 10 अप्रैल 2001 की दोपहर स्कूल से लौट रही कक्षा आठ की छात्रा को इन लोगों ने रास्ते में रोककर उसके साथ अश्लील शब्दों का प्रयोग किया और उसे जान से मारने की धमकी देकर भाग गए।

घटना की रिपोर्ट छात्रा के पिता ने मड़िहान थाने में दर्ज कराया था। मामले में अभियोजन पक्ष ने कुल पांच गवाहों को कोर्ट के समक्ष पेश कराया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान को देखते हुए जुडिशियल मजिस्ट्रेट ज्योत्सना यादव ने तीनों को अदालत उठने तक की सजा सुनाई। इसमें जब तक अदालत चली तब तक तीनों अदालत में खड़े रहे।

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English summary
Court sentanced a rare punishment for three people charged to tease a girl in Mirzapur
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