यूपी: सूबे का निजाम बदला, पर नहीं बदला पुलिस का मिजाज

Written by: रामलाल जयन
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बांदा। उत्तर प्रदेश में संपन्‍न विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिले प्रचंड़ बहुमत के साथ सूबे का निजाम तो बदल गया है, लेकिन पुलिस गैंगरेप जैसे संज्ञेय मामलों में भी अपना मिजाज नहीं बदल पाई है। बिसंड़ा थाने के एक गांव में खेत में हरियाली काटने गई एक महिला के साथ रविवार को दो लोगों ने असलहों का भय दिखाकर सामूहिक दुष्कर्म करने की घटना को अंजाम दिया था। बमुश्किल मुकदमा दर्ज करने वाली पुलिस के लिए आरोपियों को गिरफ्तार करना दूर की बात रही, अब तक न्यायालय में पीडि़ता का बयान तक दर्ज कराना उचित नहीं समझा।

यूपी: सूबे का निजाम बदला, पर नहीं बदला पुलिस का मिजाज

बिसंड़ा थाने के एक गांव में कोरी बिरादरी की महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना रविवार को उस समय हुई थी जब पीडि़ता अपने पालतू मवेशियों के लिए खेत में हरियाली काटने गई थी। मौके पर पहुंचे उसके पति ने पत्नी को बचाने की कोशिश की तो उसे भी पीट कर अधमरा कर दिया गया था। पीडि़ता के पति ने शुक्रवार को बताया कि 'घटना के तत्काल बाद उसने डायल 100 को फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। फिर एसपी को फोन किया, तब बिसंड़ा थाने से एक उपनिरीक्षक और दो सिपाही गांव आए और एक आरोपी शिवराम को तमंचा सहित पकड़ लिया था।' जरूर देखिए VIDEO: डायल 100 की गाड़ी पर सजा मयखाना, पुलिसवालों ने जमकर पी शराब 

उसने बताया कि 'पुलिस ने पीडि़ता को कन्या पाठशाला में ले जाकर आरोपी के ही घर से खाना मंगाकर खिलाया और उस पर दबाव डाल कर 'कोई घटना न होने' का बयान मोबाइल फोन के वीडियो क्लिप में दर्ज कर आरोपी को छोड़ दिया था।' उसने बताया कि 'पीडि़ता को लेकर वह सोमवार को थाने गया, लेकिन थानाध्यक्ष ने धमका कर गांव वापस कर दिया। कुछ ही देर बाद सिपाही उसके गांव आए और देर शाम थाने में सिर्फ शिवराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीसरे दिन पीडि़ता का चिकित्सीय मुआयना कराने के बाद पुलिस ने न तो आरोपी को पकड़ा है और न ही अब तक पीडि़ता का अदालत में बयान नही दर्ज कराया है।'

पीडि़त महिला का पति बताता है कि 'आरोपी के परिवार का बड़ा आपराधिक इतिहास रहा है, उसका एक भाई डकैत धर्मा यादव गैंग का सक्रिय सदस्य था, जो साल 1990-1991 में पुलिस मुठभेड़ में भी मारा जा चुका है। जबकि दूसरा भाई तीन मासूम बच्चों की हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा पा चुका है।' उसने बताया कि 'पुलिस की लापरवाही से आरोपी सरेआम असलहा लेकर उसकी हत्या की नियत से घूम रहा है। सूचना के बाद भी पुलिस धर-पकड़ नहीं कर रही।'

बुंदेलखंड़ में तेज तर्रार महिला संगठन 'नारी इंसाफ सेना' की प्रमुख वर्षा भारतीया ने घटना को अति गंभीर माना है और कहा कि 'आला अधिकारियों को हल्का पुलिस की संदिग्धता की जांच करना चाहिए और अदालत में पीडि़ता का शीघ्र बयान दर्ज कराकर आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।' नरैनी के नवनिर्वाचित विधायक राजकरन कबीर ने फोन पर बताया कि 'वह अभी लखनऊ में हैं, गृह जनपद वापस आने पर मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।' पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि 'मामले की जांच की जा रही है, आरोपी को पकड़ कर छोड़ने वाले पुलिसकर्मी को दंडि़त किए जाएंगे।'

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English summary
Uttar Pradesh: Chief Minister change but still careless.
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