भाजपा सांसद बोले, नोटबंदी ने किसानों की फिजूलखर्ची और शराब पर रोक लगाई

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सांसद और किसान मोर्चा के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह का कहना है कि नोटबंदी के बाद किसानों के बेवजह के खर्च और दिखावे पर काफी लगाम लगी है। उत्तर प्रदेश के बधोई से सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि इससे फसल की बुवाई पर कोई फर्क नहीं पड़ा और सब काम सही चल रहे हैं लेकिन नोटबंदी के बाद किसानों में फिजूलखर्ची और शराब का इस्तेमाल कम हो गया है।

नोटबंदी ने किसानों की फिजूलखर्ची और शराब पर रोक लगा दी: भाजपा सांसद

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, वीरेंद्र सिंह ने कहा कि किसान बेवजह के खर्च बहुत करते हैं, वो लोन लेकर शाही शादियों करते हैं, वो बहुत दिखावे में यकीन करते हैं। उन्होंने कहा कि रिश्तेदारों या बारातियों को खाना खिलाने में ज्यादा खर्च नहीं आता है। किसान ज्यादातर पैसा शान-ओ-शौकत दिखाने, आतिशबाजी और शराब में खर्च करते हैं। सिंह ने कहा कि मोदी जी की नोटबंदी से इस सब पर काबू हुआ है, लोगों को शाही खर्च की आदत छूटी है। सिंह इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि पहले तो लोग दो कदम चलने को भी स्कूटर और बाउक उठा लेते थे लेकिन अब बहुत सोचते हैं कि पेट्रोल क्यों खर्च करें। नोटबंदी के बाद लोग पैदल चलने की आदत डाल रहे हैं।

किसान मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी से किसानों को खेती के काम में कोई परेशानी नहीं हुई है, मुझे किसानों की ओर से किसी परेशानी होने की खबर नहीं है। हां ये जरूर है कि इससे शादियों और दूसरे आयोजनों में होने वाले फालतू खर्चे और शराब के इस्तेमाल में खासी कमी आई है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का सबसे बड़ा फायदा तो ये है कि लोग बचत करना सीख गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को लोन पर पैसे लेकर फिलजूलखर्ची की आदत है, जो ठीक नहीं है। भाजपा सासंद ने कहा कि सरकार आपको कंजूसी करने को नहीं कह रही है लेकिन बेवजह के खर्च भी ठीक नहीं है। 

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English summary
BJP Kisan Morcha president Virendra Singh says Demonetisation taught farmers to spend judiciously
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