अमेठी: बिगड़ सकता है बीजेपी का समीकरण! उम्मीदवार कोई और ताकत दिखा रहा है कोई और

बीजेपी नेता आशीष शुक्ला ने टिकट न दिए जाने के बाद एक जनसभा कर अपने वोटबैंक की ताकत का इजहार किया। दबी जुबान में ही सही आशीष ने कहा कि ये अमेठी की धरोहर, विरासत और रियासत तबाह करने का काम है।

Subscribe to Oneindia Hindi

अमेठी। हाल ही में बीएसपी छोड़ बीजेपी में आए पूर्व मंत्री आशीष शुक्ला ने पार्टी को अपने वोटबैंक की ताकत दिखाते हुए एक जनसभा का आयोजन किया था। खास बात ये कि जनसभा में न पार्टी का पोस्टर लगा था न बैनर लेकिन फिर भी आशीष शुक्ला ने खुद को बीजेपी नेता बताया और कहा कि मैं बीजेपी नहीं अमेठी का दावेदार हूं।

Read more:आगरा: बीजेपी ने पोस्टरों से साधा विरोधियों पर निशाना, आपराधिक घटनाओं को बनाया मुद्दा

निर्णायक भूमिका रखने वाले ब्राह्मण वोटबैंक को किया संबोधित

निर्णायक भूमिका रखने वाले ब्राह्मण वोटबैंक को किया संबोधित

अमेठी के परसोडी में पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता आशीष शुक्ला ने अपने लोगों को बुलाया था। इस बुलावे का मकसद था अपनों के दिल की बात जानना और अपनी बात अपनों तक पहुंचाना। फिलहाल अमेठी में सबसे ज्यादा और निर्णायक भूमिका रखने वाले ब्राह्मण वोटबैंक का एक जनसैलाब उन्हें सुनने के लिए उमड़ता नज़र आया। जिसे देख आशीष शुक्ला गदगद हो उठे और फिर उन्होंने 40 मिनट का लम्बा-चौड़ा भाषण दे डाला।

जानें क्या कहा इस बीजेपी नेता ने?

जानें क्या कहा इस बीजेपी नेता ने?

बीजेपी नेता आशीष शुक्ला ने बारी-बारी विरोधियों पर हमला बोला। बता दें कि बीजेपी ने अमेठी से राजघराने की बहू गरिमा सिंह को कैंडिडेट बनाया है। उस ओर इशारे के साथ समूची रियासत पर बोलते हुए आशीष शुक्ला ने कहा कि कुछ लोग अमेठी को अपनी धरोहर, विरासत और रियासत बनाकर उसे तबाह कर रहे हैं। लेकिन उन्होंने जनता का शुक्रिया करते हुए कहा कि आपने हमें 40 हज़ार मत देकर प्रदेश में ये संदेश दिया कि अमेठी का वोटर बिकाऊ नहीं बल्कि बहुत बड़ा जनमत टिकाऊ है।

नहीं लगे बीजेपी और मोदी के नाम के नारे

नहीं लगे बीजेपी और मोदी के नाम के नारे

आशीष शुक्ला के इस जनसभा में बीजेपी और मोदी के नारों से परहेज किया गया। वहीं अमेठी के 72 हजार से ज्यादा ब्राह्मण वोटों को संगठित करने का काम भी किया गया। बीजेपी कैंडिडेट के मैदान में होते हुए इस तरह की सभा आयोजित कर बगावत करने पर आशीष शुक्ला ने कहा कि बीजेपी एक संगठन है लेकिन सामंतवादी ताकतों के खिलाफ हम हमेशा लड़े हैं और लड़ते रहेंगे।

जब सवाल हुआ इनके चुनाव में लड़ने का...?

जब सवाल हुआ इनके चुनाव में लड़ने का...?

जब सवाल हुआ कि आप टिकट के दावेदार थे क्या टिकट कटने से आप ऐसा कर रहे? तो उन्होंने जवाब दिया कि वो आज भी बीजेपी नेता हैं और पार्टी कैंडिडेट के कैंपेन के लिए तैयारी कर रहे हैं। ये पूछे जाने पर कि क्या आप चुनाव लड़ेंगे? उन्होंने कहा कि ये तो पार्टी और जनता तय करेगी। फिलहाल तो मैं अमेठी में जनता के लिए लड़ रहा हूं और लड़ता रहूंगा। वैसे दो-चार दिन में रुख साफ हो जाएगा।

Read more:सुल्तानपुर: वोटर्स ने घेरा सीएम आवास, इसौली सीट पर उतारे गए सपा उम्मीदवार से नाराज हैं लोग

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
BJP leader campaigning ownself against party candidate in Amethi
Please Wait while comments are loading...