यूपी चुनाव में भाजपा का इलेक्शन वॉर रूम बन सकता है गेम चेंजर

उत्तर प्रदेश में भाजपा का इलेक्शन वॉर रूम पार्टी के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है, पार्टी की युवा टीम वोटरों को बड़ी संख्या में सोशल मीडिया के जरिए साधने में लगी है।

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने वॉर रुम तैयार कर रखा है, इस वॉर रूप में तकरीबन 20 लोग बैठते हैं जो दिनभर लोगों के फोन के जरिए संपर्क स्थापित करते हैं। इस वॉर रूम में 20 युवा पार्टी के 20 हजार से अधिक कमेटी सदस्यों के नंबर को सत्यापित करते हैं, जोकि पार्टी के लिए प्रदेश में चुनाव जीतने में अहम भूमिका निभाएंगे। इस वॉर रूम में के अलावा एक और ऑफिस है जिसमें सोशल मीडिया और आईटी की टीम पार्टी के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाती है।

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लखनऊ में भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में इस वॉर रूम की कमान पांच युवाओं के हाथ में है, जिनके हाथ में पार्टी के यूपी का ट्विटर हैंडल है जिसे यहां से चौबीस घंटे संपादित किया जाता है। इस प्लेटफॉर्म पर पार्टी के प्रचार अभियान के तमाम वीडियो, फोटो साझा किए जाते हैं जिसके बाद इसे पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने पेज पर साझा करते हैं। एक तरफ जहां यह भाजपा का हाईटेक ऑफिस है तो दूसरी तरफ अखिलेश यादव भी सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी दिक्कत है पार्टी के भीतर मचा घमासान। माना जा रहा है पार्टी के भीतर चुनाव चिन्ह के विवाद के खत्म होने के बाद जल्द ही अखिलेश यादव भी सोशल मीडिया पर प्रचार अभियान में जुट जाएंगे।

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अखिलेश एकमात्र चुनौती
यूपी में भाजपा के सोशल मीडिया टीम के सदस्य अमन राजपूत जिनकी उम्र 22 वर्ष और वह आर्ट्स ग्रैजुएट हैं, 2014 के लोकसभा चुनाव के समय से ही वह भाजपा के प्रचार अभियान की टीम से जुड़े हैं का कहना है कि सोशल मीडिया पर भाजपा की प्रतिस्पर्धा सिर्फ अखिलेश यादव से है। अमन यूपी में भाजपा के ट्विटर हैंडल को संभालने वाले सदस्यों में से एक हैं। अमन कहते हैं कि सबसे अहम वह है जब अखिलेश यादव विकास के कामों की तस्वीरें साझा करते हैं, तब हमें दिखाना होता है कि जब हम सरकार बनाएंगे तो हम इससे अच्छा काम करके दिखाएंगे।

टीवी चैनल का भी रखा जाता है लेखा-जोखा

भाजपा के वॉर रूम में काम करने वाले 28 वर्षीय दानिश जोकि एमबीए हैं वह चार हफ्ते पहले ही मिडिल ईस्ट से भारत लौटे हैं और वह टीवी चैनलों की जिम्मेदारी संभालते हैं। वह जिस कमरे में बैठते हैं उसमें आठ टीवी लगे हैं। दानिश कहते हैं कि जब मैं छात्र था तो छात्र राजनीति में काफी सक्रिय था और भाजपा की ओर मेरा झुकाव था, मैं हर रोज एक रिपोर्ट बनाता हूं जिसमें इस बात का लेखा जोखा होता है कि ह कितना समय टीवी पर हासिल कर रहे हैं, यह रिपोर्ट मैं अपने वरिष्ठ को देता हूं।

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वहीं इस आईटी का जिम्मा संभाल रहे संजय राय जिनकी उम्र 45 वर्ष है का कहना है कि हमारे पास भाजपा समर्थित 8000 व्हाट्सएप ग्रुप हैं जिसे हमने चुनाव से पहले 12 लाख मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए बनाया है। यही नहीं इस ग्रुप के जरिए हम फेसबुक, ट्विटर के जरिए तकरीबन एक करोड़ मतदाताओं तक पहुंचने में सफल रहे हैं। हम इसके अलावा भी कई आंकड़ें हासिल कर रहे हैं, इसमें मुख्य रूप से डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य लोगों से संपर्क में रहकर हम लोगों के डेटा हासिल कर रहे हैं।

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English summary
BJP election war room of Uttar Pradesh can prove a game changer. This war room has a team of young people who connect with voters.
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