यूपी चुनाव से कई नेताओं और देश की राजनीति में आएगा बड़ा बदलाव

Written By:
Subscribe to Oneindia Hindi

लखनऊ। यूपी चुनाव इस बार ना सिर्फ दलों के लिए बल्कि बड़े नेताओं के भविष्य की दशा और दिशा को भी तय करेंगे। इस बार के चुनाव में अखिलेश यादव, मायावती, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का भविष्य दांव पर है। यूपी के चुनाव में जीत जहां अखिलेश यादव को मजबूत नेता के रूप में स्थापित करेगी बल्कि उन्हें सपा के नए मुखिया के तौर पर भी स्थापित कर सकती है। यूपी की जीत उन्हें भाजपा और कांग्रेस से इतर 2019 में एक बड़े विकल्प के तौर पर भी लोगों के बीच खड़ा कर सकती है।

नीतीश, ममता, नवीन पटनायक की श्रेणी में खड़े होंगे अखिलेश

नीतीश, ममता, नवीन पटनायक की श्रेणी में खड़े होंगे अखिलेश

यूपी की जीत के बाद अखिलेश यादव खुद को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पश्चिम बंगाल की मुख्यंमंत्री ममता बनर्जी, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की श्रेणी में लाकर खड़ा कर सकते हैं। अखिलेश यादव 2019 में तीसरे मोर्चे के अगुवा के रुप में भी उभर सकते हैं क्योंकि यूपी में लोकसभा की 80 सीटें हैं, जोकि केंद्र की राजनीति के लिहाज से काफी अहम हैं। ऐसे में अगर कांग्रेस खुद को फिर से स्थापित करने में विफल होती है तो 2019 में भाजपा और एनडीए के लिए अखिलेश सबसे बड़ी चुनौती के तौर पर उभरेंगे।

केंद्र की राजनीति में मजबूत होंगे अखिलेश

केंद्र की राजनीति में मजबूत होंगे अखिलेश

इस बार के चुनाव में अखिलेश यादव ने अपने काम और छवि को आगे रखते हुए लोगों से उन्हें वोट करने की अपील की है, ऐसे में अगर वह दोबारा सत्ता में आने में सफल होते हैं तो यह यूपी के इतिहास में पहली बार होगा जब कोई पार्टी दोबारा सत्ता में आने में सफल हुई है। दोबारा सत्ता में आने के बाद अखिलेश यादव को विकास के लिए तमाम बड़े कदम उठाने में सफलता हासिल होगी, मुमकिन है कि इस जीत के बाद अखिलेश यादव मुसलमान और यादव वोट बैंक से आगे बढ़ते हुए बड़े वर्ग के लिए अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाएं।

सपा-कांग्रेस गठबंधन के बाद मायावती के सामने बड़ी चुनौती

सपा-कांग्रेस गठबंधन के बाद मायावती के सामने बड़ी चुनौती

वहीं दूसरी तरफ मायावती के लिए भी यह चुनाव काफी अहम है, अगर वह मुस्लिम वोटों के साथ जाटव वोटो को अपनी ओर लाने में सफल होती हैं तो वह सत्ता में फिर से वापसी कर सकती हैं। लेकिन जिस तरह से हाल में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने गठबंधन किया है वह मायावती के लिए मुश्किल साबित हो और मुस्लिम वोट उनसे दूर हो। ऐसे में अगर बसपा यूपी में हार का मुंह देखती है तो इसका सीधा लाभ भाजपा और कांग्रेस को हो सकता है। जाटव वोट जो मायावती से दूर हो वह कांग्रेस या भाजपा का रुख कर सकता है। सपा के साथ गठबंधन के बाद कांग्रेस के लिए स्थिति बेहतर हो सकती है और उसे इस चुनाव में कुछ अधिक सीटें मिल सकती हैं।

प्रियंका का भविष्य की राजनीति पर नजर

प्रियंका का भविष्य की राजनीति पर नजर

इस चुनाव में कांग्रेस के लिए प्रियंका गांधी भी काफी होने वाली हैं, जिस तरह से उन्होंने यूपी की राजनीति में इस बार सक्रिय भूमिका निभाई है उसके बाद पार्टी के भीतर आवाज उठने लगी है कि प्रियंका को पार्टी में शामिल होना चाहिए और 2019 में चुनाव लड़ना चाहिए। पार्टी के नेताओं को उम्मीद है कि वह वह अपने भाई राहुल गांधी के हाथ को मजबूत करें और पार्टी में सक्रिय राजनीति में हिस्सा लें। हालांकि प्रियंका गांधी ने अभी तक इस ओर कोई भी इशारा नहीं किया है कि वह राजनीति में सक्रिय होने जा रही हैं।

भाजपा के लिए बड़ी चुनौती

भाजपा के लिए बड़ी चुनौती

यह चुनाव भाजपा के लिए भी काफी अहम है, 2014 जिस तरह से भाजपा ने 80 में 71 सीटें जीती उससे पार्टी पर दबाव है कि यूपी के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करे, लेकिन अगर भाजपा यहां से सीटें नहीं जीत पाती है को साफ संदेश जाएगा कि पार्टी की प्रदेश में पकड़ काफी कम हो गई है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को अभी भी पीएम मोदी का पूरा साथ प्राप्त है, लेकिन यूपी में हार के बाद पार्टी के नेता और आरएसएस उनपर सवाल खड़े कर सकते हैं। इससे पहले बिहार और दिल्ली में भाजपा की हार के बाद पहले ही अमित शाह पर सवाल उठने लगे थे। हालांकि यह बात यहां गौर करने वाली है कि भाजपा चुनावों के नतीजे के आधार पर पार्टी के मुखिया को नहीं हटाती है

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Big guns future are on test in UP assembly election 2017. Mayawati, Rahul, Priyanka, Mayawati will be tested in the UP poll.
Please Wait while comments are loading...