डा. बंसल मर्डर मिस्ट्री : नैनी सेंट्रल जेल में बना प्लान, कई दिनों से इलाहाबाद में थे शूटर

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इलाहाबाद। यूपी में चुनावी माहौल के बीच उथल-पुथल मचाने डा. बंसल हत्याकांड में एक और सनसनीखेज रहस्योद्घाटन हुआ है। नैनी सेंट्रल जेल के अंदर ही इस वारदात को अंजाम देने का ब्लू प्रिंट तैयार हुआ था। जेल में बंद अण्डरवर्ल्ड डॉन ने हत्या का तरीका और बच निकलने का तरकीब सुझाई जबकि जेल में ही बंद शार्प शूटरों ने गोली मारने का प्रोफेशनल अंदाज सिखाया था। Read Also: इलाहाबाद: क्या डॉन मुन्ना बजरंगी ने करवाई डॉक्टर बंसल की हत्या?

डा. बंसल मर्डर मिस्ट्री : नैनी सेंट्रल जेल में बना प्लान, कई दिनों से इलाहाबाद में थे शूटर
 

लेकिन सबसे चौकाने वाला तथ्य यह है कि फतेहगढ़ सेंट्रल जेल से एक नेता की जमानत पर छूटा शूटर इलाहाबाद में पंद्रह दिनों से डेरा डाल कर बैठा था । आशंका यह है कि हत्यारों की ट्रेनिंग इसने ही दी है। जिन शूटरो ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया न उनकी कोई क्राइम हिस्ट्री है और न ही वह इस मर्डर को इतना हाईप्रोफाइल समझ रहे थे। लेकिन हत्या के बाद हर दिन पुलिस की तेज होती गतिविधि अब शूटर, उनके आका व अन्य मित्र बंधुओ की मुसीबत बढा रहा है।

फिलहाल एसटीएफ ने भाजपा और सपा के कई बड़े नेताओं का नंबर सर्विलांस पर लगाते हुये फोन काॅल को इंटरसेप्ट कर सुन रही है। सस्पेक्टेड नेता की कुख्यात अपराधी से बातचीत भी पकड़ में आई है। हत्या के एक दिन पहले और हत्या वाले दिन बंसल के मोबाइल पर कई नेताओं के फोन आए थे। फोन करने वाले कई नेताजी का भी रिकार्ड खंगाला जा रहा है।

राजा पाण्डेय है मुख्य कड़ी

डा. बंसल हत्याकांड में एक चीज तो साफ है कि डान मुन्ना बजरंगी के करीबी व लोकल गैंग का सरगना राजा पाण्डेय मुख्य कड़ी में है। क्योंकि जिस तरह उसने थानाध्यक्ष बारा राजेन्द्र द्विवेदी को गोलियों से भूंजते हुये वारदात को अंजाम दिया था उसके बाद से ही वह क्राइम की दुनिया में छा गया था । लेकिन जब गोलीबारी में घायल होकर राजा पाण्डेय डा. बंसल के अस्पताल जीवन ज्योति में भर्ती हुआ था, तब इलाज के बिल में छूट देने को लेकर झगड़ा हुआ था। तब राजा ने डा. बंसल को उसके चैंबर में ही उसे मारने की धमकी दी थी। राजा ने उन्हीं दिनों कई शूटरों से संपर्क किया लेकिन बंसल की हत्या को कोई तैयार नहीं हुआ।

पैसा और नाम के लिये आये नये शूटर

बंसल की हत्या में शूटरो को पैसा तो मिलना ही था क्राइम की दुनिया में अच्छा खासा नाम भी मिल जाता। क्योंकि जिस मर्डर को बड़े बड़े शूटरो ने अंजाम देने से इनकार कर दिया था उसे अंजाम देकर कोई भी बड़ा विलन बन सकता था। इसलिये इसमे 25 से 30 साल के दिलेर व नये लोगों को ढूंढा गया जिन्हें इलाहाबाद में ही एक शातिर अपराधी द्वारा असलहा मुहैया कराया गया फिर शूटर द्वारा ट्रेनिंग दी गई। वारदात को अंजाम देने से लेकर पूरा प्लान बिल्कुल प्रोफेशनल ही रहा। जिससे शुरुआती दिनों में पुलिस भी उलझी रही। Read Also: इलाहाबाद के डॉ. बंसल हत्याकांड मामले में 11 लोग पुलिस की गिरफ्त में

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English summary
Plot to kill Doctor A K Bansal in Allahabad was hatched in Naini Central Jail and sharp shooter trained inside the barrack.
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